मोतिहारी में DRDO का डिफेंस एग्जीबिशन:मॉडर्न सैन्य तकनीकों और आत्मनिर्भर भारत का प्रदर्शन

मोतिहारी में DRDO का डिफेंस एग्जीबिशन:मॉडर्न सैन्य तकनीकों और आत्मनिर्भर भारत का प्रदर्शन

मोतिहारी के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह परिसर में 15 से 18 अप्रैल तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा एक रक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसमें देश की अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों, उन्नत सैन्य प्रणालियों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत हो रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने में सांसद और रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह की अहम भूमिका रही है। प्रदर्शनी की थीम “शांति, सत्य और विज्ञान का संगम – सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर” है, जो देश की रक्षा क्षमता और वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाती है। भारतीय लाइट टैंक के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए प्रदर्शनी में कई अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के मॉडल आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इनमें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEWC) सिस्टम, आकाश एवं आकाश-एनजी मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस, पृथ्वी और प्रलय जैसी मिसाइलें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन Mk-I एवं Mk-II और भारतीय लाइट टैंक के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम भी प्रदर्शनी का हिस्सा ड्रोन डिटेक्शन रडार, ‘उत्तम’ AESA रडार और स्वदेशी कावेरी इंजन के मॉडल भी यहां प्रदर्शित किए गए हैं। सुरक्षा सामग्री के तौर पर केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (CBRN) सुरक्षा प्रणाली, ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, बैलिस्टिक हेलमेट और मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। यह प्रदर्शनी आम लोगों के साथ-साथ छात्रों और युवाओं के लिए भी ज्ञानवर्धक है। यहां वे देश की रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे प्रयासों को करीब से देख और समझ पा रहे हैं। मोतिहारी के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह परिसर में 15 से 18 अप्रैल तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा एक रक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसमें देश की अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों, उन्नत सैन्य प्रणालियों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत हो रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने में सांसद और रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह की अहम भूमिका रही है। प्रदर्शनी की थीम “शांति, सत्य और विज्ञान का संगम – सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर” है, जो देश की रक्षा क्षमता और वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाती है। भारतीय लाइट टैंक के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए प्रदर्शनी में कई अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के मॉडल आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इनमें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEWC) सिस्टम, आकाश एवं आकाश-एनजी मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस, पृथ्वी और प्रलय जैसी मिसाइलें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन Mk-I एवं Mk-II और भारतीय लाइट टैंक के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम भी प्रदर्शनी का हिस्सा ड्रोन डिटेक्शन रडार, ‘उत्तम’ AESA रडार और स्वदेशी कावेरी इंजन के मॉडल भी यहां प्रदर्शित किए गए हैं। सुरक्षा सामग्री के तौर पर केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (CBRN) सुरक्षा प्रणाली, ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, बैलिस्टिक हेलमेट और मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। यह प्रदर्शनी आम लोगों के साथ-साथ छात्रों और युवाओं के लिए भी ज्ञानवर्धक है। यहां वे देश की रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे प्रयासों को करीब से देख और समझ पा रहे हैं।  

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