डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- चीनी राष्ट्रपति खुश होंगे की होर्मुज स्ट्रेट हमेशा के लिए खुल रहा

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- चीनी राष्ट्रपति खुश होंगे की होर्मुज स्ट्रेट हमेशा के लिए खुल रहा

Donald Trump on Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव चरम पर है। अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को लेकर जहां ईरान की तरफ से कड़ी चेतावनी देते हुए लाल सागर, खाड़ी और ओमान सागर में व्यापार ठप करने की चेतावनी दी, वहीं इसके उलट US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने अपने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में ट्रम्प ने संकेत दिया कि बीजिंग होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खुला रखने के वाशिंगटन के प्रयासों का समर्थन करता है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा गलियारा है और 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से क्षेत्रीय तनाव को तेज करने का मुख्य कारण रहा है।

ट्रंप ने लिखा, ‘होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोलने से चीन बहुत खुश है। मैं यह उनके लिए और साथ ही दुनिया के लिए भी कर रहा हूं। ऐसी स्थिति दोबारा कभी नहीं होगी। वे ईरान को हथियार न भेजने पर सहमत हो गए हैं।

चीनी नेतृत्व के साथ अपने संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा, ‘कुछ हफ्तों में जब मैं वहां पहुंचूंगा तो राष्ट्रपति शी मुझे गले लगाएंगे। हम मिलकर समझदारी से और बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं! क्या यह लड़ाई से बेहतर नहीं है?’

हालांकि, उन्होंने इस आशावाद को अमेरिकी सैन्य शक्ति की चेतावनी के साथ संतुलित करते हुए कहा, ‘लेकिन याद रखें, अगर जरूरत पड़ी तो हम लड़ने में बहुत माहिर हैं- किसी और से कहीं बेहतर!’

सीजफायर आगे बढ़ाने पर अमेरिका सहमत नहीं

अमेरिका ने ईरान के साथ जारी सीजफायर को बढ़ाने की सहमति नहीं दी है। यह एक अमेरिकी अधिकारी ने स्थानीय मीडिया को दी। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के साथ सीजफायर का विकल्प अभी भी खुला है, जिससे दोनों देशों के बीच वार्ता के लिए और अधिक समय मिल सके। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ जल्द से जल्द किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

खाड़ी देशों पर हमले की उम्मीद नहीं थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान से जंग के बीच खाड़ी देशों पर हमले की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने दावा कि ईरान मिडिल-ईस्ट में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अमेरिका ने उसे रोक दिया।

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