कौशांबी डीएम डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में बुधवार को उदयन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद में चिन्हित 9 निष्क्रिय आशाओं को हटाने की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कार्य में शिथिलता बरतने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डॉ. अमित पाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने लाभार्थियों और आशाओं के भुगतान में भी शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। विगत माह में हुई मातृ एवं शिशु मृत्यु के कारणों की जानकारी प्राप्त कर, उन्होंने प्रसव केंद्रों से संबंधित सभी स्टाफ नर्स और एएनएम को समुचित प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आभा आईडी (ABHA ID) और एमसीपी (MCP) कार्ड पूर्ण रूप से भरे जाने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ययोजना बनाकर लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने को कहा। साथ ही, गंभीर कुपोषित बच्चों (SAM) को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार और सीएमएस डॉ. सुनील शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


