बलरामपुर जनपद के सीमावर्ती थारू अंचल में अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत CUET (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) की विशेष कक्षाएं शुरू हो गई हैं। यह पहल थारू समाज के छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगी। इन कक्षाओं का उद्घाटन समाज कल्याण अधिकारी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वंचित और पिछड़े वर्ग के युवाओं को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराना है, ताकि वे उच्च शिक्षा के अवसरों से जुड़ सकें। यह पहल विशेष रूप से थारू समाज के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो लंबे समय से सीमावर्ती और जनजातीय क्षेत्रों में निवास करता है। इसके माध्यम से थारू छात्र भी CUET परीक्षा उत्तीर्ण कर देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश पा सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने छात्रों को CUET परीक्षा के पैटर्न, पाठ्यक्रम और प्रभावी तैयारी के तरीके बताए। उन्होंने छात्रों को नियमित पढ़ाई, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने इस पहल को अपने जीवन में बदलाव लाने और उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने वाला बताया। कई छात्रों ने इसे “सपनों को पंख देने वाला अवसर” कहकर सराहा। समाज कल्याण विभाग ने आश्वासन दिया कि ऐसी योजनाएं भविष्य में भी जारी रहेंगी। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।


