DM ने लंबित मामलों पर नाराजगी जताई:उन्नाव में 4 हजार करोड़ के IT सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा

DM ने लंबित मामलों पर नाराजगी जताई:उन्नाव में 4 हजार करोड़ के IT सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा

विकास भवन सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। इसमें जनपद के औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और उद्यमियों की समस्याओं से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता और समयबद्धता के साथ निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीएलई के मुख्य मार्ग कानपुर-लखनऊ हाईवे से प्रशिक्षण केंद्र तक जाने वाली जर्जर सड़क के निर्माण, मेसर्स सेफी बॉयोफील्ड एवं सेमदे इंफ्राटेक लिमिटेड के औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा साइट नंबर-1 से सेमदे सिटी तक मार्ग निर्माण समेत कई प्रकरणों पर चर्चा हुई। आईआईए शेषपुर में नाली का निर्माण नहीं होने से सड़क क्षतिग्रस्त होने, मेसर्स डॉल्फिन डेवलपर्स लिमिटेड के चार हजार करोड़ रुपये के आईटी सिटी प्रोजेक्ट के लिए भू-उपयोग परिवर्तन तथा बरसाना श्रीजी भूमि हीरा गार्डन से बरसाना नगरी साइट तक सीवर और वाटर लाइन डलवाने से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। निवेश मित्र में लंबित प्रकरणों पर नाराजगी डीएम ने निवेश मित्र पोर्टल पर यूपीसीडा के सर्वाधिक प्रकरण लंबित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए और अगली बैठक तक स्थिति में सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रकरण लंबित रहने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। सड़क पर खड़े गैस टैंकरों पर कार्रवाई के निर्देश यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्र साइट नंबर-2 में एचपी गैस प्लांट के बाहर सड़क पर गैस टैंकर खड़े किए जाने की समस्या पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी को सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक चालान करने और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहनों के खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होता है और औद्योगिक क्षेत्र में असुविधा की स्थिति पैदा होती है। डीएम ने औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली, सड़क, नाली, जलभराव, साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि उद्यमियों को उद्योग संचालन में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड, सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा, उपायुक्त उद्योग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि और उद्यमी मौजूद रहे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *