शेखपुरा में शनिवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन न्यास बोर्ड की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में तेजी लाना और खनन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना था। बैठक में विधायक रणधीर कुमार सोनी, विधान परिषद सदस्य ललन महतो, अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, जिला खनिज पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी और सहायक कोषागार पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान वर्तमान वित्तीय स्थिति और आगामी कल्याणकारी प्रस्तावों पर विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासनिक व्यय के लिए 28,96,000 रुपए निर्धारित परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के तहत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की गई है, जिसके 11 माह के प्रशासनिक व्यय के लिए 28,96,000 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इसकी नोडल पदाधिकारी सरोज पासवान हैं। चयनित एजेंसी को अब तक 15,65,000 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। शेखोपुरसराय प्रखंड में स्थित 6 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के प्रमाणीकरण हेतु सामग्री खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त, 5 आरोग्य मंदिरों में योग शेड निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। 2.12 करोड़ रुपए व्यय योग्य राशि उपलब्ध जिलाधिकारी ने जिले के 5 ईंट-भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को मूलभूत शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस योजना के लिए 60 लाख रुपए की अनुमानित राशि तय की गई है, जिसे आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। वर्तमान में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) मद में 2.51 करोड़ रुपए संचित हैं, जबकि कुल संचित राशि 11.63 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। प्रशासनिक खर्चों को घटाने के बाद, वर्तमान में 2.12 करोड़ रुपए व्यय योग्य राशि उपलब्ध है। नियमों के अनुसार, कुल राशि का 70% शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बाल विकास जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। खदानों की घेराबंदी कराने के प्रस्ताव पर चर्चा शेष 30% राशि अन्य बुनियादी ढांचागत विकास पर व्यय होगी। इस माह 20 लाख रुपए के अतिरिक्त कलेक्शन की संभावना है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के वार्षिक अंकेक्षण (ऑडिट) और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 1 लाख रुपए की लागत से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की अस्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव भी रखा गया। जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के आसपास शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था करने तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बंद/पुराने खदानों की घेराबंदी कराने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं नोडल एजेंसियों को निर्देश दिया कि राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों के कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसुरक्षा के लिए पारदर्शी व त्वरित तरीके से सुनिश्चित किया जाए। शेखपुरा में शनिवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन न्यास बोर्ड की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में तेजी लाना और खनन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना था। बैठक में विधायक रणधीर कुमार सोनी, विधान परिषद सदस्य ललन महतो, अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, जिला खनिज पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी और सहायक कोषागार पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान वर्तमान वित्तीय स्थिति और आगामी कल्याणकारी प्रस्तावों पर विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासनिक व्यय के लिए 28,96,000 रुपए निर्धारित परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के तहत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की गई है, जिसके 11 माह के प्रशासनिक व्यय के लिए 28,96,000 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इसकी नोडल पदाधिकारी सरोज पासवान हैं। चयनित एजेंसी को अब तक 15,65,000 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। शेखोपुरसराय प्रखंड में स्थित 6 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के प्रमाणीकरण हेतु सामग्री खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त, 5 आरोग्य मंदिरों में योग शेड निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। 2.12 करोड़ रुपए व्यय योग्य राशि उपलब्ध जिलाधिकारी ने जिले के 5 ईंट-भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को मूलभूत शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस योजना के लिए 60 लाख रुपए की अनुमानित राशि तय की गई है, जिसे आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। वर्तमान में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) मद में 2.51 करोड़ रुपए संचित हैं, जबकि कुल संचित राशि 11.63 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। प्रशासनिक खर्चों को घटाने के बाद, वर्तमान में 2.12 करोड़ रुपए व्यय योग्य राशि उपलब्ध है। नियमों के अनुसार, कुल राशि का 70% शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बाल विकास जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। खदानों की घेराबंदी कराने के प्रस्ताव पर चर्चा शेष 30% राशि अन्य बुनियादी ढांचागत विकास पर व्यय होगी। इस माह 20 लाख रुपए के अतिरिक्त कलेक्शन की संभावना है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के वार्षिक अंकेक्षण (ऑडिट) और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 1 लाख रुपए की लागत से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की अस्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव भी रखा गया। जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के आसपास शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था करने तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बंद/पुराने खदानों की घेराबंदी कराने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं नोडल एजेंसियों को निर्देश दिया कि राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों के कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसुरक्षा के लिए पारदर्शी व त्वरित तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

