नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने 28 अप्रैल 2026 को नारद संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक अभिलेखों, दुर्लभ कलाकृतियों और अन्य सांस्कृतिक धरोहरों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने इनके संरक्षण और रख-रखाव की स्थिति की समीक्षा भी की। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान आवश्यकताओं को देखते हुए नारद संग्रहालय के नए भवन के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। नए भवन का डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के चयन हेतु भवन निर्माण निगम ने निविदा जारी की है। यह निविदा 6 मई 2026 को खुलेगी। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रतिभा कुमारी ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े या पुराने कागजों पर लिखी पांडुलिपियों में प्राचीन ज्ञान, साहित्य, आयुर्वेद, खगोल विज्ञान और स्थानीय इतिहास का महत्वपूर्ण भंडार है, जो समय के साथ नष्ट हो रहा है। इस मिशन के तहत, इन अमूल्य धरोहरों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा। सुश्री कुमारी ने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित व्यक्ति या संस्था के पास ही सुरक्षित रहेगा। जिला प्रशासन केवल उनका वैज्ञानिक विधि से डिजिटलीकरण करेगा, ताकि उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी का हिस्सा बनाया जा सके। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने पास उपलब्ध या जानकारी में आने वाली प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी या जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को दें। नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने 28 अप्रैल 2026 को नारद संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक अभिलेखों, दुर्लभ कलाकृतियों और अन्य सांस्कृतिक धरोहरों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने इनके संरक्षण और रख-रखाव की स्थिति की समीक्षा भी की। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान आवश्यकताओं को देखते हुए नारद संग्रहालय के नए भवन के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। नए भवन का डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के चयन हेतु भवन निर्माण निगम ने निविदा जारी की है। यह निविदा 6 मई 2026 को खुलेगी। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रतिभा कुमारी ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े या पुराने कागजों पर लिखी पांडुलिपियों में प्राचीन ज्ञान, साहित्य, आयुर्वेद, खगोल विज्ञान और स्थानीय इतिहास का महत्वपूर्ण भंडार है, जो समय के साथ नष्ट हो रहा है। इस मिशन के तहत, इन अमूल्य धरोहरों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा। सुश्री कुमारी ने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित व्यक्ति या संस्था के पास ही सुरक्षित रहेगा। जिला प्रशासन केवल उनका वैज्ञानिक विधि से डिजिटलीकरण करेगा, ताकि उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी का हिस्सा बनाया जा सके। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने पास उपलब्ध या जानकारी में आने वाली प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी या जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को दें।


