औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री योजना की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम चिचौली और लुहियापुर में जानकारी प्राप्त की। यह योजना किसानों की भूमि के डिजिटलीकरण और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। जिलाधिकारी ने किसान बंधुओं से अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराने और अपने परिवारजनों व इष्ट मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भविष्य में केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा ली है। उन्होंने आधार कार्ड में त्रुटि होने पर उसे जन सेवा केंद्र के माध्यम से सही कराकर रजिस्ट्री कराने की भी सलाह दी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी भूमिधर किसानों की एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के तहत फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी। इसके लिए 10 मई, 2026 तक ग्रामवार शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी, राजस्व विभाग के लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, ग्राम के संबंधित कोटेदार और अन्य लोग सहयोग करेंगे। शिविरों में उपलब्ध भूमि को एक स्थान पर पंजीकृत कर फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी और कृषकों को फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। ये शिविर कृषि विभाग के ए.टी.एम./बी.टी.एम., टी.ए.सी. और राजस्व विभाग के लेखपाल के माध्यम से संचालित होंगे। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक अभिलेख हैं।
फार्मर रजिस्ट्री से कृषकों को कई लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी। इसमें फसली ऋण, फसल बीमा की क्षतिपूर्ति और आपदा राहत प्राप्त करना आसान होगा। विभिन्न कार्यक्रमों के लिए किसानों को बार-बार भौतिक सत्यापन से मुक्ति मिलेगी और नवोन्मेषी कार्यक्रमों के विस्तार के अवसर बढ़ेंगे। यह कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम आदि विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और उर्वरक प्राप्त करने के लिए भी अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद के विपणन में भी सुगमता होगी। किसान भाइयों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में उपस्थित होकर फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने में सहयोग प्रदान करें।


