Digital Fraud पर आशीष विद्यार्थी का बड़ा खुलासा, बोले- ‘मैं खुद इसका विक्टिम रह चुका हूं, ये इतना रियल होता है कि यकीन नहीं होता’

Digital Fraud पर आशीष विद्यार्थी का बड़ा खुलासा, बोले- ‘मैं खुद इसका विक्टिम रह चुका हूं, ये इतना रियल होता है कि यकीन नहीं होता’

Ashish Vidyarthi Digital Fraud: ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक्टर आशीष विद्यार्थी लोगों को जागरूक करने की मुहिम से जुड़े हैं। आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई और बताया कि वो खुद भी इसका शिकार रह चुके हैं। आशीष ने कहा कि डिजिटल ठगी इतनी असली लगती है कि कई बार लोगों को यकीन ही नहीं होता कि वे किसी स्कैम का हिस्सा बन रहे हैं।

‘मैं खुद इसका विक्टिम रह चुका हूं’

आशीष विद्यार्थी ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है और इसका इस्तेमाल काम आसान करने के लिए किया जाता है, लेकिन कुछ लोग इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर आम लोगों की जिंदगी और उनकी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

आशीष विद्यार्थी ने बताया कि वो खुद भी इस तरह के फ्रॉड का अनुभव कर चुके हैं। आशीष के मुताबिक, डिजिटल फ्रॉड का तरीका इतना वास्तविक बनाया जाता है कि सामने वाले व्यक्ति को आसानी से इस बात का अंदाजा नहीं हो पाता कि वो ठगी का शिकार होने जा रहा है।

‘डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं’

आशीष विद्यार्थी ने लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि कई लोग इस तरह के मामलों के बारे में जानते हुए भी ठगों के जाल में फंस जाते हैं।

एक्टर ने कहा कि लोगों को ये समझना जरूरी है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह की जानकारी लोगों को साइबर अपराधियों के डर से बचाने में मदद कर सकती है।

‘जिंदगी भर की कमाई बच सकती है’

आशीष ने कहा कि डिजिटल फ्रॉड को लेकर जागरूकता फैलाने वाली फिल्में और ऐप जैसी पहल अच्छी बात है। उनका मानना है कि जब लोगों को पता चलेगा कि साइबर ठगी कितने बड़े लेवल पर हो सकती है, तो वे खुद को इससे बचाने के लिए ज्यादा सतर्क रहेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि अगर लोग डिजिटल फ्रॉड से बचने में कामयाब होते हैं, तो उनकी जिंदगी भर की कमाई सुरक्षित रह सकती है। इसी वजह से उन्होंने इस जागरूकता मुहिम का हिस्सा बनने पर खुशी जताई।

‘ATM और OTP भी फ्रॉड का जरिया बन सकते हैं’

आशीष विद्यार्थी ने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बंद करने के बजाय उसे समझदारी से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एटीएम और ओटीपी जैसी सुविधाएं हमारी जिंदगी को आसान बनाती हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल भी फ्रॉड के लिए किया जा सकता है।

उनके मुताबिक, जागरूकता लोगों को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने और साथ ही स्कैम से बचने में मदद करती है। इसलिए जरूरी है कि लोग यह समझें कि कौन-सी चीज सामान्य है और किस स्थिति में उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए।

‘अवेयरनेस ही सबसे जरूरी हथियार’

आशीष विद्यार्थी ने कहा कि इस पूरी मुहिम का सबसे अहम हिस्सा लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने समझाया कि जब लोगों को पहले से पता होगा कि साइबर ठग किस तरह के तरीके अपना सकते हैं, तो उनके जाल में फंसने की संभावना कम होगी।

एक्टर के मुताबिक, लोगों को यह समझना होगा कि ऐसे अपराधी मौजूद हैं और वे अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। इसलिए डिजिटल दुनिया में सावधानी और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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