ससुराल, पति को छोड़कर मानव तस्कर बनी नालंदा की धनवंती:अकेली घूमने वाली लड़कियों को शिकार बनाती थी; राजस्थान, हरियाणा में 3 लाख तक में बेचती थी

ससुराल, पति को छोड़कर मानव तस्कर बनी नालंदा की धनवंती:अकेली घूमने वाली लड़कियों को शिकार बनाती थी; राजस्थान, हरियाणा में 3 लाख तक में बेचती थी

पति और ससुराल से रिश्ता तोड़ने के बाद नालंदा की 30 साल की धनवंती देवी उर्फ शोभा लड़कियों की तस्करी करने लगी। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब राजस्थान के बीकानेर से चित्तौड़गढ़ के दंपती को गिरफ्तार किया गया। दंपती की निशानदेही पर राजगीर से एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पता चला कि युवक धनवंती देवी का कथित पति है। धनवंती देवी युवक को अपना पति बताती थी। फिलहाल, पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लड़कियों की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से तीन लड़कियों का रेस्क्यू भी किया है। धनवंती देवी उर्फ शोभा नूरसराय थाना क्षेत्र के बालचन्द विगहा की रहने वाली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि धनवंती पटना के गोरिया मठ इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रही थी और वहीं से लड़कियों की तस्करी का नेटवर्क ऑपरेट कर रही थी। धनवंती देवी के साथ जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है, उसकी पहचान मानपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले पुरुषोत्तम के रूप में की गई है। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि धनवंती देवी और पुरुषोत्तम के बीच कोई कानूनी वैवाहिक संबंध नहीं है और पुरुषोत्तम का अपना अलग परिवार है। धनवंती देवी कौन है? उसने कब और क्यों अपने पति और ससुरालवालों से रिश्ता तोड़ा? पुलिस ने धनवंती देवी के बारे में क्या बताया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला लड़कियों की तस्करी के मामले की तह तक जाने के लिए जब भास्कर टीम धनवंती के गांव पहुंची, तो उसकी सास रामपतिया देवी और देवरानी संध्या कुमारी ने बताया कि करीब पांच-छह साल पहले पति से झगड़ा करने के बाद धनवंती ने घर छोड़ दिया था और तब से उसका परिवार के किसी भी सदस्य से कोई संपर्क नहीं है। उसका पति भी लंबे समय से बाहर रह रहा है और वह भी गांव नहीं आता है। परिजनों को उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चला कि वह मानव तस्करी जैसे घृणित कार्य में संलिप्त हो चुकी है। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, पांच साल पहले घर छोड़ने के बाद उसने कभी पलटकर नहीं देखा और परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी। थानाध्यक्ष बोले- महिला बेहद शातिर और आदतन अपराधी थानाध्यक्ष ललित विजय ने बताया कि ये महिला बेहद शातिर और आदतन अपराधी है। शुरुआती पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि वो पुरुषोत्तम से महज कुछ महीने पहले ही मिली है, लेकिन पुलिस को अंदेशा है कि इनका नेटवर्क काफी पुराना और गहरा है। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि धनवंती पूर्व में करीब 5-7 साल पंजाब में रह चुकी है, जहां से उसने इस तरह के नेटवर्क में काम करना सीखा होगा। राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में लिंगानुपात की कमी का फायदा उठाकर यह गिरोह गरीब लड़कियों को शादी या काम दिलाने के बहाने फंसाता था और फिर उन्हें ऊंचे दामों में बेच दिया करता था। पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से कई लड़कियों की तस्वीरें और संदिग्ध एविडेंस मिले हैं, जिसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस अब उन लड़कियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्हें यह गिरोह अब तक अपना शिकार बना चुका है। रहुई की नाबालिगों का 3 लाख रुपए में धनवंती देवी ने किया था सौदा दरअसल, रहुई थाना क्षेत्र के बेसमक गांव की दो नाबालिग बहनें 9 अप्रैल को पंजाब जाने के लिए बिहारशरीफ स्टेशन पहुंची थीं। वहां नूरसराय की रहने वाली महिला तस्कर धनवंती देवी ने उन्हें माता-पिता के पास पहुंचाने का झांसा देकर अपने चंगुल में ले लिया। पंजाब भेजने के बजाय आरोपी महिला ने दोनों बच्चियों को राजस्थान के तस्करों के हाथों 3 लाख रुपये में बेच दिया। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस टीम ने बीकानेर में छापेमारी कर बच्चियों को बरामद किया। वहां से खरीदार दंपति राजेश कुमार और अंजलि कुमारी को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर राजगीर के ब्रह्मकुंड के पास से मुख्य सरगना धनवंती देवी और उसके सहयोगी पुरुषोत्तम को दबोचा गया। पुलिस ने राजगीर में छापेमारी के दौरान रायपुर (छत्तीसगढ़) की एक तीसरी नाबालिग लड़की को भी बरामद किया, जिसे तस्करी के लिए बंधक बनाकर रखा गया था। पूछताछ में सरगना ने कबूला कि वह गरीब बच्चियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचती थी। पति और ससुराल से रिश्ता तोड़ने के बाद नालंदा की 30 साल की धनवंती देवी उर्फ शोभा लड़कियों की तस्करी करने लगी। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब राजस्थान के बीकानेर से चित्तौड़गढ़ के दंपती को गिरफ्तार किया गया। दंपती की निशानदेही पर राजगीर से एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पता चला कि युवक धनवंती देवी का कथित पति है। धनवंती देवी युवक को अपना पति बताती थी। फिलहाल, पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लड़कियों की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से तीन लड़कियों का रेस्क्यू भी किया है। धनवंती देवी उर्फ शोभा नूरसराय थाना क्षेत्र के बालचन्द विगहा की रहने वाली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि धनवंती पटना के गोरिया मठ इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रही थी और वहीं से लड़कियों की तस्करी का नेटवर्क ऑपरेट कर रही थी। धनवंती देवी के साथ जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है, उसकी पहचान मानपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले पुरुषोत्तम के रूप में की गई है। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि धनवंती देवी और पुरुषोत्तम के बीच कोई कानूनी वैवाहिक संबंध नहीं है और पुरुषोत्तम का अपना अलग परिवार है। धनवंती देवी कौन है? उसने कब और क्यों अपने पति और ससुरालवालों से रिश्ता तोड़ा? पुलिस ने धनवंती देवी के बारे में क्या बताया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला लड़कियों की तस्करी के मामले की तह तक जाने के लिए जब भास्कर टीम धनवंती के गांव पहुंची, तो उसकी सास रामपतिया देवी और देवरानी संध्या कुमारी ने बताया कि करीब पांच-छह साल पहले पति से झगड़ा करने के बाद धनवंती ने घर छोड़ दिया था और तब से उसका परिवार के किसी भी सदस्य से कोई संपर्क नहीं है। उसका पति भी लंबे समय से बाहर रह रहा है और वह भी गांव नहीं आता है। परिजनों को उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चला कि वह मानव तस्करी जैसे घृणित कार्य में संलिप्त हो चुकी है। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, पांच साल पहले घर छोड़ने के बाद उसने कभी पलटकर नहीं देखा और परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी। थानाध्यक्ष बोले- महिला बेहद शातिर और आदतन अपराधी थानाध्यक्ष ललित विजय ने बताया कि ये महिला बेहद शातिर और आदतन अपराधी है। शुरुआती पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि वो पुरुषोत्तम से महज कुछ महीने पहले ही मिली है, लेकिन पुलिस को अंदेशा है कि इनका नेटवर्क काफी पुराना और गहरा है। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि धनवंती पूर्व में करीब 5-7 साल पंजाब में रह चुकी है, जहां से उसने इस तरह के नेटवर्क में काम करना सीखा होगा। राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में लिंगानुपात की कमी का फायदा उठाकर यह गिरोह गरीब लड़कियों को शादी या काम दिलाने के बहाने फंसाता था और फिर उन्हें ऊंचे दामों में बेच दिया करता था। पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से कई लड़कियों की तस्वीरें और संदिग्ध एविडेंस मिले हैं, जिसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस अब उन लड़कियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्हें यह गिरोह अब तक अपना शिकार बना चुका है। रहुई की नाबालिगों का 3 लाख रुपए में धनवंती देवी ने किया था सौदा दरअसल, रहुई थाना क्षेत्र के बेसमक गांव की दो नाबालिग बहनें 9 अप्रैल को पंजाब जाने के लिए बिहारशरीफ स्टेशन पहुंची थीं। वहां नूरसराय की रहने वाली महिला तस्कर धनवंती देवी ने उन्हें माता-पिता के पास पहुंचाने का झांसा देकर अपने चंगुल में ले लिया। पंजाब भेजने के बजाय आरोपी महिला ने दोनों बच्चियों को राजस्थान के तस्करों के हाथों 3 लाख रुपये में बेच दिया। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस टीम ने बीकानेर में छापेमारी कर बच्चियों को बरामद किया। वहां से खरीदार दंपति राजेश कुमार और अंजलि कुमारी को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर राजगीर के ब्रह्मकुंड के पास से मुख्य सरगना धनवंती देवी और उसके सहयोगी पुरुषोत्तम को दबोचा गया। पुलिस ने राजगीर में छापेमारी के दौरान रायपुर (छत्तीसगढ़) की एक तीसरी नाबालिग लड़की को भी बरामद किया, जिसे तस्करी के लिए बंधक बनाकर रखा गया था। पूछताछ में सरगना ने कबूला कि वह गरीब बच्चियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचती थी।  

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