बैतूल शहर के टिकारी क्षेत्र में होली के दूसरे दिन गुरुवार को पारंपरिक भगोरिया मेले का आयोजन किया गया। मेले में सालों पुरानी परंपरा के अनुसार- करीब 50 फीट ऊंचे लकड़ी के खंभे, जिन्हें मेघनाथ कहा जाता है, स्थापित किए गए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से खंभों का पूजन किया। पूजा के बाद, पारंपरिक रूप से मेघनाथ की लकड़ी को रस्सियों के सहारे घुमाने की रस्म निभाई गई। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे और कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय मान्यता के अनुसार, आदिवासी समाज मेघनाथ को अपना कुलदेवता मानता है। होलिका दहन के बाद लगने वाले इस मेले में श्रद्धालु आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। लोगों का विश्वास है कि यहां की गई प्रार्थनाएं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जिसके चलते हर साल बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में हिस्सा लेते हैं। मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। आयोजन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा।
तस्वीरों में देखिए मेले की झलकियां…


