Delhi Protest: जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर भड़कीं अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर, बोलीं- नारे लगाने से देशभक्ति साबित नहीं होती

Delhi Protest: जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर भड़कीं अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर, बोलीं- नारे लगाने से देशभक्ति साबित नहीं होती

Isha Koppikar On CJP Delhi Protest: जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच, बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर (Isha Koppikar) ने देश के युवाओं के नाम एक वीडियो जारी किया है। ईशा ने युवाओं से अपील की है कि वह किसी भी सोशल मीडिया नैरेटिव या बहकावे में आने से पहले जमीन पर मौजूद तथ्यों (Facts) की पूरी जानकारी हासिल करें और बिना सोचे-समझे किसी भी मोर्चे या आंदोलन का हिस्सा न बनें।

“हर बार हालात एक जैसे नहीं होते”- ईशा कोप्पिकर

ईशा कोप्पिकर ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि हर स्थिति के हालात और परिणाम अलग होते हैं और उन्होंने युवाओं को एक सलाह भी दी।

ईशा कोप्पिकर ने कहा, “पहले एक बार एजुकेशन सिस्टम को लेकर हुए प्रोटेस्ट के बाद एक मिनिस्टर ने रिजाइन कर दिया था। लेकिन एक बार ऐसा होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर बार ऐसा ही होगा। प्रेशर बनाकर किसी का इस्तीफा करवा लेना और किसी एक इंसिडेंट को बार-बार हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है।”

ईशा ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन उसके पीछे के उद्देश्यों, तथ्यों और उसके होने वाले परिणामों को समझना भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है।

ईशा कोप्पिकर ने कहा- फैक्ट्स वेरीफाई करें

ईशा ने आज की युवा पीढ़ी को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी नैरेटिव को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “आपको इंफॉर्मेशन जानने का पूरा हक है। रिसर्च कीजिए, सवाल पूछिए और सिर्फ सोशल मीडिया या भावनाओं के आधार पर अपनी राय मत बनाइए। सिर्फ नारे लगाने से देशभक्ति साबित नहीं होती; देश की प्रगति, एकता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर जिम्मेदारी से सोचना ही सच्ची देशभक्ति है।”

उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वह किसी के बहकावे या इन्फ्लुएंस में आकर काम न करें, बल्कि अपनी स्वतंत्र समझ से फैसले लें। ईशा ने आखिर में कहा कि देश के युवाओं की ऊर्जा और उनकी आवाज राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए इसका इस्तेमाल बेहद समझदारी और रचनात्मक तरीके से किया जाना चाहिए- “जानकारी रखें, स्वतंत्र रूप से सोचें और किसी भी बात पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि करें!”

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