Delhi Police ने 10 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 5 सदस्य पकड़े

Delhi Police ने 10 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 5 सदस्य पकड़े

नयी दिल्ली, एक नवंबर दिल्ली पुलिस ने ऐप के जरिए लोगों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस मामले में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी से संबंधित 544 शिकायतों के आधार पर देश के अलग-अलग हिस्सों से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी विदेश में बने एक ऐप का इस्तेमाल करके लोगों के मोबाइल फोन से फर्जी मैसेज भिजवाते थे। उन्होंने बताया कि इसके बदले ऐप का इस्तेमाल करने वालों को हर बार ईनाम भुनाने पर 1 से 3 रुपये तक दिए जाते थे। जांच नवंबर 2025 में शुरू हुई थी।

उस समय एक व्यक्ति ने यातायात चालान भरने के नाम पर आए एसएमएस में दिए गए फर्जी लिंक पर क्लिक कर दिया था, जिसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 2.21 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी नीतेश पटेल के नाम पर दर्ज था। विस्तृत जांच के दौरान पुलिस पटेल के भतीजे तक पहुंची, जिसके मोबाइल फोन में विंगो कैश नामक एक ऐप मिला, जो कथित तौर पर उसे एक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए मिला था।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “जांच टीम को पता चला कि जब भी कोई यूजर इस ऐप पर अपना ईनाम भुनाता था, तो ऐप अपने आप 9 से 12 फर्जी एसएमएस भेजता था। इस दौरान करीब 30 सेकंड तक मोबाइल की स्क्रीन लॉक रहती थी।”
अधिकारी ने बताया कि इन मैसेज में ट्रैफिक चालान का भुगतान, डिलीवरी की पुष्टि और रिवॉर्ड पॉइंट्स के नाम पर फर्जी लिंक भेजे जाते थे। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ऐसे करीब 3,300 एसएमएस का पता चला।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ठगी की रकम एक अंतरराष्ट्रीय बैंक में मौजूद खाते तक पहुंचाई गई थी। जांच में कई म्यूल बैंक खातों और पैसे के लेन-देन के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। तीन दिन में 41,000 से अधिक ऐप यूजर्स के खातों में करीब दो करोड़ रुपये भेजे गए थे।

पुलिस ने मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब समेत अलग-अलग स्थानों से मोती सिंह बघेला, हर्षपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और बर्जेश कुमार को गिरफ्तार किया है।

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