सोनीपत पुलिस ने आरटीओ चालान के नाम पर मोबाइल पर लिंक भेजकर 2 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतर-राज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य मनफूल राम को राजस्थान के बीकानेर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) के मार्गदर्शन और पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर सोनीपत कुशल पाल सिंह के नेतृत्व में की गई। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता संजीव निवासी गांव जटवाड़ा, सोनीपत की शिकायत पर की गई। संजीव ने 29 जनवरी 2026 को साइबर थाना सोनीपत में शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 जनवरी 2026 को उन्हें आरटीओ चालान के नाम से एक व्हाट्सएप मैसेज मिला था। गलती से लिंक खोलने पर उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।
साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजे उनके बैंक खाते से नेट बैंकिंग के जरिए 2 लाख रुपए निकाल लिए गए। उन्होंने तुरंत बैंक के टोल फ्री नंबर पर इसकी सूचना दी। बाद में पता चला कि ठगों ने फर्जी वेबसाइटों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए खातों में यह धोखाधड़ी की थी। इस संबंध में साइबर थाना सोनीपत में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। थाना साइबर सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम (जिसमें सहायक उप निरीक्षक विनित, सहायक उप निरीक्षक नवीन, सिपाही नवीन और मुख्य सिपाही विनोद शामिल थे) ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने बीकानेर से आरोपी मनफूल राम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ठगी गई राशि में से 22,000 रुपये बैंक खातों में रुकवा दिए हैं और 630 रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को रिमांड अवधि के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


