अबोहर में पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान ‘नशा विरोधी मुहिम फेज-2’ के तहत एक नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत, लोगों को नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा बनाने के लिए शिकायत पेटी वाले दो ई-रिक्शा रवाना किए गए हैं। अब लोग इन पेटियों में पत्र डालकर अपनी शिकायतें या सुझाव दे सकेंगे। सरकार का यह विशेष अभियान समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से मुक्त कर युवाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। यह कदम अबोहर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसी कड़ी में, 8 मई को आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने अपने कार्यालय से इन दो नशा जागरूकता ई-रिक्शाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार अविनाश चंद्र, वाइस कोऑर्डिनेटर अशोक गर्ग, बीरबल कंबोज और फील्ड अफसर आकाश सलूजा भी उपस्थित रहे। पंजाब सरकार का प्रयास लोगों को जागरूक करना अरुण नारंग ने बताया कि पंजाब सरकार की सोच केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इन ई-रिक्शाओं के माध्यम से शहर के सभी 50 वार्डों और अबोहर विधानसभा क्षेत्र की 40 पंचायतों तक पहुंच बनाई जाएगी। यह पहल सरकार की जनहित और समाज सुधार के प्रति गंभीरता को दर्शाती है, जिससे आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।इन रिक्शाओं पर नशों के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेशों का प्रचार किया जाएगा। साथ ही इनमें शिकायत बॉक्स भी लगाए गए हैं। जिनमें लोग अपने आसपास हो रही नशा तस्करी की सूचना या किसी नशा पीड़ित परिजन के इलाज संबंधी जानकारी गोपनीय रूप से दे सकेंगे। सरकार द्वारा शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गुप्त रखने का निर्णय भी बेहद प्रशंसनीय है, जिससे आम लोग बिना किसी डर के आगे आ सकेंगे। सरकार के आदेश पर पुलिस की कार्रवाई जारी पंजाब सरकार के निर्देशों पर पंजाब पुलिस भी लगातार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। आए दिन नशा तस्करों की गिरफ्तारी और अवैध पदार्थों की बरामदगी यह साबित करती है कि सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। अबोहर को पूरे फाजिल्का जिले में इस अभियान के लिए चुनना सरकार की दूरदर्शिता और क्षेत्र के प्रति विशेष ध्यान को दर्शाता है। अभियान के पहले दिन ये ई-रिक्शा गांव खुइयां सरवर, तेलुपुरा, हरीपुरा, पंचकोसी और किल्लियांवाली सहित कई गांवों में पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। पंजाब सरकार की यह पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


