मक्का-मदीना की रुबात को लेकर जारी विवाद के बीच सिकंदर हफीज खान ने सामने आकर अपनी बात रखी और अपने ऊपर लगे धोखाधड़ी के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि क्या भाई मैंने धोखाधड़ी करी है क्या? मेरी क्या रेपुटेशन धोखाधड़ी की है? मैं क्या बेईमान हूं, जो मेरे ऊपर ऐसे इल्जाम लगाए जा रहे हैं। बता दें कि मिस्टर सिकंदर हफीज खान चेयरमैन, रिलायबल ग्रुप एवं वरिष्ठ सदस्य हैं औकाफ-ए-शाही के। इससे एक दिन पहले आरिफ मसदू ने इस मुद्दे को लेकर एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने वक्फ संपत्तियों पर हो रहे कथित अतिक्रमण और अनियमितताओं पर चिंता जताई। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। गलतफहमियां दूर करना चाहता हूं
हफीज ने कहा कि वे लंबे समय से भोपाल की जनता के सामने आकर अपनी बात रखना चाहते थे, ताकि सभी गलतफहमियां दूर हो सकें। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि आज आपके सामने हर चीज की सफाई हो जाए, ताकि आपकी गलतफहमियां दूर हों।
उन्होंने मक्का की रुबात के संबंध में कहा कि 2011 के अंदर जब सभा बनी थी, उस वक्त मक्का में कोई रुबात नहीं थी। बाद में कमेटी ने कोशिशें कीं और अल्हम्दुलिल्लाह दो रुबात भोपाल के नाम पर वहां मौजूद हैं।” उन्होंने बताया कि इनका संचालन सऊदी कानून के तहत नाजिर द्वारा किया जा रहा है और “जो चाहे वहां जाकर पूरे एड्रेस पर पता कर सकता है। पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं हो सकी
हफीज ने कहा कि इस साल जो समस्या सामने आई, वह तकनीकी कारणों से जुड़ी है। इस साल सिर्फ ये हुआ कि जो नाजिर भोपाल हैं, उन्होंने तशरी लेकर वहां की हज कमेटी के रिप्रेजेंटेटिव को दे दी, लेकिन वह पोर्टल पर अपलोड नहीं हुई और उसका टाइम निकल गया। अब इसकी तहकीकात हो रही है और हम भी इन्वेस्टिगेशन करा रहे हैं। जिस स्तर पर गलती हुई है, उसे सजा मिलेगी। मदीना मामला कोर्ट में, बिल्डिंग सुरक्षित
मदीना की रुबात को लेकर उन्होंने कहा, “मदीने का केस ऐसा है कि यहां का एक लीगल मेंबर वहां जाकर खुराफात मचाई और नाजिर को बदलने की कोशिश की। इससे कन्फ्यूजन पैदा हुआ और मामला कोर्ट में चला गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कन्फ्यूजन की स्थिति में मैनेजमेंट “हयातुल औकाफ” को सौंप दी, जबकि बिल्डिंग सुरक्षित है और “हमारा केस अपील में चल रहा है, इंशाअल्लाह जल्द रुबात हमें मिलेंगी। धोखाधड़ी करने वाले दूसरे लोग
हफीज ने कहा कि जो लोग मेरे ऊपर इल्जाम लगा रहे हैं, धोखाधड़ी करने वाले तो दूसरे हैं। उनकी जिंदगी धोखाधड़ी में गुजरी है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग ऑकाफ-ए-शाही की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और कब्जा करने की साजिश कर रहे हैं। पहले से सभी को जानकारी थी
उन्होंने कहा कि मदीना से जुड़ी जानकारी पहले भी काजी साहब, मुफ्ती साहब और विधायक के संज्ञान में थी। मैंने सबकी राय से वकील बुलाया था, उसकी पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है, सही समय पर पेश करूंगा। विधायक पर भी साधा निशान
हफीज ने कहा, “विधायक महोदय को बात करने की तमीज नहीं है कि बड़ों से कैसे बात की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके वकील इस मामले में मानहानि का केस दायर करेंगे। मेरे लॉयर्स, जो सुप्रीम कोर्ट के हैं, सिविल और क्रिमिनल डिफेमेशन केस करेंगे। जो वसूली होगी, उसे हाजियों पर खर्च करूंगा। मैं कहीं भागने वाला नहीं हूं
दुबई शिफ्ट होने की बातों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, मैं क्यों भागूंगा? मेरे बाप-दादा यहां दफन हैं। मैं यहीं पैदा हुआ हूं और यहीं मरूंगा। 3000 वर्कर मेरे यहां काम करते हैं, 80 साल की लेगसी है, 150 साल की फैमिली हिस्ट्री है।


