पीलीभीत जनपद में गौ-सेवा के नाम पर भ्रष्टाचार और अवैध खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीलीभीत नगर पालिका परिषद द्वारा मीरापुर में बनाई जा रही कान्हा गौशाला के निर्माण में नियमों का उल्लंघन कर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया गया है। आरोप है कि गौशाला का निर्माण कर रही ठेकेदार फर्म ने मिट्टी आपूर्ति के नाम पर प्रशासन को गुमराह किया। बाहर से मिट्टी लाने के बजाय, ठेकेदार ने पास ही स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट की सरकारी जमीन को ही खोद डाला। ठेकेदार ने सैकड़ों घन मीटर मिट्टी का अवैध खनन कर उसे गौशाला के गड्ढों को भरने में इस्तेमाल किया। यह पूरा घटनाक्रम नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में होता रहा, जिससे उनकी मूक सहमति या लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। अब सरकारी जमीन से मुफ्त में निकाली गई इस मिट्टी का भुगतान भी सरकारी खजाने से कराने की तैयारी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अब सक्रिय हो गया है। एसडीएम सदर, श्रद्धा सिंह ने मीडिया को बताया कि उन्हें गौशाला निर्माण में अवैध खनन और सरकारी भूमि के दोहन की जानकारी मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गहनता से जाँच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म व जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि निजी जमीन उपलब्ध न होने के कारण संभवतः सरकारी जमीन खोदी गई होगी। उनके इस बयान से अधिशासी अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।


