कोडीन-कफ-सिरप मास्टरमाइंड शुभम के पिता भोला को नहीं मिलेगी जमानत:NSA की तरह पिट NDPS एक्ट में हुई कार्रवाई, SIT की रिपोर्ट पर एक्शन

कोडीन-कफ-सिरप मास्टरमाइंड शुभम के पिता भोला को नहीं मिलेगी जमानत:NSA की तरह पिट NDPS एक्ट में हुई कार्रवाई, SIT की रिपोर्ट पर एक्शन

वाराणसी के प्रह्लाद घाट स्थित कायस्थ टोला के रहने वाले कोडीन कफ सिरप मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को अब एक साल तक जमानत नहीं मिलेगी। सोनभद्र एसपी अभिषेक वर्मा की पहल पर भोला जायसवाल पर शासन स्तर से NSA के समकक्ष पिट NDPS एक्ट में कार्रवाई की अनुमति मिल गई है। सोनभद्र एसपी अभिषेक वर्मा के अनुसार भोला जायसवाल कोडीन कफ सिरप मामले में अभ्यस्त अपराधी है। यह SIT की रिपोर्ट से साबित हो चुका है। ऐसे में यह कार्रवाई की गई है। डीएम सोनभद्र बीएनए सिंह के जरिए शासन को भेजे गए पत्र पर यह कार्रवाई शासन स्तर से की गई है। जो 15 अप्रैल से प्रभावी हुई है। भोला जायसवाल को एक साल तक नहीं मिलेगी जमानत शैली ट्रेडर्स के मालिक और वाराणसी के प्रह्लाद घाट के कायस्थ टोला निवासी भोला जायसवाल को अब एक साल तक जमानत नहीं मिलेगी। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला को देश से भागने की फिराक में कोलकाता एयरपोर्ट से सोनभद्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सोनभद्र जेल में बंद भोला पर अब NSA के समकक्ष पिट एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई की गई है। अब भोला जायसवाल की एक साल तक जमानत अर्जी कोर्ट में नहीं जमा की जा सकेगी। और न ही उसे जमानत मिलेगी। सोनभद्र पुलिस ने की कार्रवाई एसपी सोनभद्र अभिषेक वर्मा की ने बताया – कोडीन कफ सिरप मामले में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल, निवासी कायस्थ टोला, प्रह्लाद घाट, वाराणसी को सोनभद्र पुलिस ने एक दिंसबर 2025 को गिरफ्तार किया था। वह सोनभद्र जेल में बंद है। सोनभद्र पुलिस ने अभी तक उसकी कुल 36 करोड़ की संपत्ति को कुर्क किया गया है। सभी कुर्क संपत्ति का सरकारी संपत्ति में अधिग्रहण किया जा रहा है। पिट एनडीपीएस एक्ट में हुई कार्रवाई सोनभद्र एसपी द्वारा बनाया गई एसआईटी ने जांच में यह प्रमाणित किया था कि भोला जायसवाल कोडीन कफ सिरप का अभयस्त मुजरिम है। जांच में यह सामने आया था कि भोला जायसवाल के द्वारा अपनी शैली ट्रेडर्स के बिल इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से कोडीन कफ सिरप की तस्करी की जा रही है। ऐसे में सोनभद्र पुलिस की SIT ने NSA के समकक्ष पिट NDPS की फाइल तैयार की थी। जिसके बाद एसपी ने डीएम के जरिए शासन को पत्र भेजा था। शासन ने इसकी अनुमति दे दी जिसके बाद 15 अप्रैल से यह लागू हो गया है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *