(फाइल फोटो के साथ)
हैदराबाद, 21 अगस्त तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को केंद्र सरकार से अमेरिका जाने की इजाजत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रेड्डी वर्तमान में लंदन में हैं तथा यहां से उनकी योजना अमेरिका जाने और 30 अगस्त को हैदराबाद लौटने की योजना थी।
सीएमओ की एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाले आधिकारिक ‘तेलंगाना-राइजिंग’ प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका का दौरा रद्द करना पड़ा क्योंकि विदेश मंत्रालय ने इसकी अनुमति नहीं दी। मंत्रालय ने कहा कि राजनीतिक दृष्टिकोण से इस (अमेरिका) यात्रा की मंजूरी नहीं दी गई है।’’
इसने कहा कि रेड्डी अमेरिका के बोस्टन जाने के बजाय 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे। राज्य सरकार ने नीति और प्रोटोकॉल के मुताबिक ब्रिटेन और अमेरिका की यात्रा के लिए केंद्र से अनुमति का अनुरोध किया था लेकिन केवल ब्रिटेन यात्रा की ही मंजूरी मिली।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के ब्रिटेन पहुंचने के बाद केंद्र ने राज्य सरकार को अनुमति नहीं दिए जाने के बारे में सूचित किया। ‘तेलंगाना राइजिंग’ के राज्य सरकार के दृष्टिकोण, शिक्षा को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ में योगदान देने के उद्देश्य से की जाने वाली यात्रा को ‘‘राजनीतिक कारणों से रोके जाने’’ से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हैरान हैं। विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का पालन करने का निर्णय लिया और वह अमेरिका के बोस्टन जाने के बजाय लंदन से भारत लौटने के लिए हैदराबाद की उड़ान भरेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अमेरिका यात्रा को आगे बढ़ाने और सभी समझौता ज्ञापनों एवं साझेदारी समझौतों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। रेड्डी ने कहा, ‘‘इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य केंद्र की नयी शिक्षा नीति के तहत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद लाना था। ये संस्थान हमारे युवाओं की उन आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करते, जो दुनिया के बेहतरीन ‘आइवी लीग’ और शीर्ष वैश्विक संस्थानों से शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण हासिल करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब देश के निर्माण और युवाओं के भविष्य की बात आती है तो हम सभी को राजनीति और चुनाव से ऊपर उठकर सोचना चाहिए।’’
विज्ञप्ति के अनुसार तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री रेड्डी ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, लंदन बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन जैसे संस्थानों का दौरा और वहां बातचीत जारी रखेंगे।
हैदराबाद को वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने का संकल्प जताते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना ने हैदराबाद को बेहतरीन मानव संसाधन वाले केंद्र के रूप में विकसित किया है। उन्होंने कहा कि एक अकेले स्कूल ‘हैदराबाद पब्लिक स्कूल’ (एचपीएस) ने यह साबित किया है कि राज्य और देश विश्व का नेतृत्व कर सकते हैं। इस स्कूल ने कई बड़े प्रौद्योगिकी नेताओं को तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्या नडेला और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा सहित कई प्रमुख कंपनियों के सीईओ एचपीएस के पूर्व छात्र रहे हैं। रेड्डी ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) और नालसार विधि विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की स्थापना से हैदराबाद को बड़ी कंपनियों और उनके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को आकर्षित करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हैदराबाद को दुनिया के बेहतरीन शिक्षा और कौशल विकास संस्थानों का केंद्र बनाना है ताकि 21वीं सदी की विकास यात्रा को गति दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संकल्प और प्रयास है कि हैदराबाद को दुनिया के शीर्ष वैश्विक शहरों में शामिल किया जाए, ‘‘जहां कोई भी आम भारतीय हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, एमआईटी, एलबीएस या एलएसई जैसे संस्थानों से शिक्षा और प्रमाणपत्र हासिल कर सके।’’
उन्होंने कहा कि जहां ज्यादातर नेता अपने बच्चों को विदेश भेजना चाहते हैं, वहीं वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को भारत लाना चाहते हैं। बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ब्रिटेन में प्रमुख खेल संस्थानों और कौशल विकास क्षेत्र के नेतृत्वकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे और तेलंगाना के साथ साझेदारी को औपचारिक रूप देने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी 10 दिवसीय ब्रिटेन और अमेरिका दौरे के लिए 20 अगस्त को नयी दिल्ली से लंदन रवाना हुए थे।
नयी दिल्ली हवाई अड्डे पर 20 अगस्त की सुबह कांग्रेस सांसद मल्लू रवि और राज्य सरकार के प्रोटोकॉल मामलों के सलाहकार हरकरा वेणुगोपाल ने उन्हें विदाई दी। रेड्डी 19 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में थे।

