पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बोरोई के पास बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच आमना-सामना हो गया। गुप्त सूचना के आधार पर कोबरा 209 बटालियन के जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जंगल के भीतर संदिग्ध हलचल देखी गई, जिसके बाद दोनों ओर से हल्की गोलीबारी हुई। हालांकि अब तक किसी बड़े मुठभेड़ या जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इलाके में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। इनामी नक्सली कमांडर के होने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बोरोई और आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से माओवादी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। खुफिया इनपुट के आधार पर यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस दस्ते में एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा भी शामिल हो सकता है। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों का अभियान अभी जारी है। पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवान पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। घने जंगल और पहाड़ी बन रही सर्च में चुनौती बोरोई का इलाका घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे सुरक्षाबलों के लिए ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बन गया है। इसके बावजूद जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय स्तर पर भी सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि माओवादियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और तब तक सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा।
————————————— इसे भी पढ़ें… सारंडा में 40 घंटे चली मुठभेड़ थमी, अब सर्च अभियान:कभी ग्रामीणों को डराते थे, अब नक्सली ही मांग रहे मदद, निशाने पर बड़े नक्सली चाईबासा के सारंडा के चड़राडेरा इलाके में बुधवार से शुरू हुई सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ करीब 40 घंटे बाद थम गई है। शुक्रवार को तीसरे दिन गोलीबारी नहीं हुई, लेकिन इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। इस लंबी कार्रवाई ने कई बड़े और नामी नक्सलियों को दबाव में ला दिया है। आलम यह है कि कभी ग्रामीणों को डरा-धमका कर अपनी स्थिति नक्सलियों ने मजबूत की थी, वहीं आज वे उन्हीं ग्रामीणों से मदद मांग रहे हैं। ग्रामीणों से चावल और दूसरी जरूरत की चीजें वे मांग रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बोरोई के पास बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच आमना-सामना हो गया। गुप्त सूचना के आधार पर कोबरा 209 बटालियन के जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जंगल के भीतर संदिग्ध हलचल देखी गई, जिसके बाद दोनों ओर से हल्की गोलीबारी हुई। हालांकि अब तक किसी बड़े मुठभेड़ या जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इलाके में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। इनामी नक्सली कमांडर के होने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बोरोई और आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से माओवादी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। खुफिया इनपुट के आधार पर यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस दस्ते में एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा भी शामिल हो सकता है। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों का अभियान अभी जारी है। पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवान पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। घने जंगल और पहाड़ी बन रही सर्च में चुनौती बोरोई का इलाका घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे सुरक्षाबलों के लिए ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बन गया है। इसके बावजूद जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय स्तर पर भी सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि माओवादियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और तब तक सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा।
————————————— इसे भी पढ़ें… सारंडा में 40 घंटे चली मुठभेड़ थमी, अब सर्च अभियान:कभी ग्रामीणों को डराते थे, अब नक्सली ही मांग रहे मदद, निशाने पर बड़े नक्सली चाईबासा के सारंडा के चड़राडेरा इलाके में बुधवार से शुरू हुई सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ करीब 40 घंटे बाद थम गई है। शुक्रवार को तीसरे दिन गोलीबारी नहीं हुई, लेकिन इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। इस लंबी कार्रवाई ने कई बड़े और नामी नक्सलियों को दबाव में ला दिया है। आलम यह है कि कभी ग्रामीणों को डरा-धमका कर अपनी स्थिति नक्सलियों ने मजबूत की थी, वहीं आज वे उन्हीं ग्रामीणों से मदद मांग रहे हैं। ग्रामीणों से चावल और दूसरी जरूरत की चीजें वे मांग रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…


