केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण-विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांगें यदि व्यवस्थित तरीके से सामने आती हैं तो सरकार उनसे बातचीत करेगी। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने बैनर, पोस्टर तथा भगवा झंडे लेकर जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकारी सहायता और आरक्षण के लिए पात्रता तय करने में जाति के बजाय आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी जाए।
पटना में संवाददाताओं से बातचीत में पासवान ने कहा, आरक्षण को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी देश की बड़ी आबादी में नाराजगी पैदा कर सकती है। जब प्रदर्शनकारी अपनी मांगें व्यवस्थित तरीके से रखेंगे तो सरकार उनसे बातचीत करेगी। आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के संबंध में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है।

