किशनगढ़बास में शुक्रवार को सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल की जयंती चेटीचंड का पर्व मनाया गया। संत कंवरराम हरि मंदिर में आयोजित इस महोत्सव में पूज्य सिंधी पंचायत एवं झूलेलाल सेवा मंडल के तत्वावधान में सुबह से देर रात तक धार्मिक कार्यक्रम हुए। प्रभात फेरी से हुई शुरूआत कार्यक्रम की शुरुआत तड़के प्रभात फेरी के साथ हुई। भक्ति संगीत के साथ कस्बे के विभिन्न रास्तों से गुजरी प्रभात फेरी का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। विशेष रूप से अहमदबास (शिवजी की नगरी) में कमल हरवानी की अध्यक्षता में प्रभात फेरी का भव्य स्वागत किया गया। यहां शिव सेवा समिति द्वारा आतिशबाजी और प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान और विशाल भंडारा लगा प्रभात फेरी के बाद मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति स्नान एवं अभिषेक किया गया। इसके बाद ध्वजारोहण की रस्म अदा की गई और सत्संग व भजन-कीर्तन में श्रद्धालु झूमते हुए भगवान झूलेलाल की महिमा का गुणगान करते नजर आए। दोपहर में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। वाहन रैली रही आकर्षण का केंद्र महोत्सव का मुख्य आकर्षण सिंधु नवयुवक मंडल द्वारा निकाली गई विशाल वाहन रैली रही। नई सब्जी मंडी से शुरू हुई यह रैली कस्बे के मुख्य बाजारों और मोहल्लों से होकर गुजरी। केसरिया ध्वज थामे युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। रैली के दौरान गूंजते “जय झूलेलाल” और “आयो लाल झूलेलाल” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बहराणा साहिब की भव्य शोभायात्रा से हुआ समापन शाम को बहराणा साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक झांकियों, डीजे की धुन और शहनाई वादन ने माहौल को पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालु भगवान की ज्योत के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। देर रात विशेष ‘पल्लव’ प्रार्थना के साथ इस एक दिवसीय महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।


