CGPSC Result Controversy: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा का रिजल्ट इस बार सिर्फ चयनित अभ्यर्थियों की वजह से नहीं, बल्कि उनके कुछ नामों को लेकर भी चर्चा में आ गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद सूची में NEWS, SPACERANI, HE RAM, BHAKT PRAHLAD और TUFAIL जैसे नाम सामने आए, जिसके बाद कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना था कि ऐसे नामों के सामने आने से पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है और इसकी जांच होनी चाहिए।

CGPSC Name Controversy: मामला सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ तो राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। बढ़ते विवाद के बीच CGPSC ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने साफ कहा कि परिणाम में प्रकाशित सभी नाम वही हैं, जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय स्वयं दर्ज किए थे। इन्हीं नामों के आधार पर प्रवेश पत्र जारी किए गए और दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक दक्षता परीक्षा तथा भर्ती की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। आयोग ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
BJP ने इसे “फेक नैरेटिव” बताया
PSC की सफाई के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर पलटवार किया। छत्तीसगढ़ BJP ने सोशल मीडिया पर एक कार्टून पोस्टर जारी कर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बिना पूरी जानकारी के चयनित अभ्यर्थियों के नामों का मजाक उड़ाकर भ्रम फैलाने की कोशिश की। पार्टी का दावा है कि जिन अभ्यर्थियों के नामों को लेकर सवाल उठाए गए थे, वे खुद सामने आ चुके हैं और उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया है। BJP ने इसे “फेक नैरेटिव” बताते हुए कहा कि युवाओं की मेहनत पर राजनीति करना उचित नहीं है।

Congress Allegation: CGPSC ने अपना पक्ष स्पष्ट किया…PSC ने जारी किया स्पष्टीकरण
फिलहाल CGPSC ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई और परिणाम में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी नहीं है। हालांकि इस मुद्दे पर सियासत अभी थमती नजर नहीं आ रही है। एक ओर कांग्रेस भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर BJP आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देकर कांग्रेस पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगा रही है। ऐसे में यह मामला अब भर्ती प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।

