विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने प्रतिकूल मौसम और लगातार बारिश के कारण मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को प्रस्तावित ‘‘जन महाभियोग’’ कार्यक्रम शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी दलों ने आम सहमति से शुक्रवार का कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के कारण हमें लगा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसमें बैठना असुविधाजनक होगा।
इसलिए हमने ठीक यही कार्यक्रम कल आयोजित करने का फैसला किया है।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद रविवार को रामलीला मैदान तक मार्च निकाला जाएगा, जिसमें विपक्षी दलों के साथ ही राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक समाज के लोग आमंत्रित हैं। गांधी ने आरोप लगाया कि दोनों कार्यक्रम ‘‘भारतीय लोकतंत्र को कमजोर किए जाने’’ के खिलाफ हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों को दिल्ली आने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। गांधी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं तथा हजारों आम लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश की जा रही है।’’
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाले मार्च से पता चलेगा कि कितने लोग इसमें शामिल होते हैं और कितने लोगों को रोका जाता है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मताधिकार से वंचित किए जाने को लेकर लोगों में ‘‘भारी गुस्सा और पीड़ा’’ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के वोट ‘‘चुराए’’ जा रहे हैं। उन्होंने उद्योगपति गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेकर आरोप लगाया कि कथित ‘‘वोट चोरी’’ से इन्हें फायदा पहुंचाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘जैसा कि हमने पहले कहा था, ये अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हैं।
यह एक ही आंदोलन है। पूरा विपक्ष यहां एकजुट है। जो भी विरोध में शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है।’’
उनका कहना था कि विपक्ष संविधान, ‘‘भारत के विचार’’ और प्रत्येक भारतीय की अभिव्यक्ति माने जाने वाले वोट के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लगातार बारिश के कारण ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा आयोजित ज्ञानेश कुमार का ‘‘जन महाभियोग’’ अब 31 अक्टूबर को अपराह्न ढाई बजे होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद रविवार, एक नवंबर को ‘‘चलो दिल्ली-रामलीला मार्च’’ आयोजित किया जाएगा। रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देश पर संविधान को ‘‘कमजोर करने’’ वाले ज्ञानेश कुमार की विदाई की उलटी गिनती तेज हो रही है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि नागरिक समाज, छात्रों, युवाओं, श्रमिकों और गृहणियों समेत सभी लोगों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी इसमें एक साथ हैं और मिलकर इसे जीतेंगे।’’
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी कहा कि बारिश के चलते विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ ‘‘जन महाभियोग’’ कार्यक्रम 31 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया है। यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी जीत ‘‘इलेक्शन मेनिपुलेशन और मैनेजमेंट’’ का नतीजा है तथा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से लेकर मतदाता सूची तक में हेरफेर किया जा रहा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के परिणामों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि शिक्षकों और स्नातकों ने इन चुनावों के जरिये यह संकेत दिया है कि राज्य में भाजपा पिछड़ रही है। विपक्षी गठबंधन ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और ‘‘वोट चोरी’’ के मुद्दे को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ सांकेतिक ‘‘जन महाभियोग’’ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित किया जाना था।
‘इंडिया’ गठबंधन ने कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा पहले ही तय कर ली है। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को ‘‘जन महाभियोग’’ की कार्यवाही की अध्यक्षता करनी है, जबकि खरगे को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ सांकेतिक ‘‘महाभियोग प्रस्ताव’’ पेश करना है। गठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के बाद राहुल गांधी का समापन भाषण निर्धारित है।
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के अन्य घटक दल एसआईआर तथा मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग पर लगातार निशाना साध रहे हैं। विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है।

