CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर Mumbai में कॉजपा का भारी प्रदर्शन, दिल्ली कूच की चेतावनी

CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर Mumbai में कॉजपा का भारी प्रदर्शन, दिल्ली कूच की चेतावनी

मुंबई, दो अक्टूबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शुक्रवार को यहां शिवाजी पार्क में हजारों लोग शामिल हुए। संगठन के नेता अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि अगर कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो जंतर-मंतर पर फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा।

कॉजपा नेता अजिंक्य शिंदे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने 2025 की मतदाता सूचियों पर रोक लगाने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया तय करने वाले 2023 के कानून को रद्द करने की भी मांग की। दीपके ने आरोप लगाया कि ‘‘मतदाताओं के नाम हटाए जाने’’ के बाद भाजपा ने उन राज्यों में जीत हासिल की, जहां वह नरेन्द्र मोदी की लहर पर भी चुनाव नहीं जीत सकी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर के ‘जेन जी’ के लोग दिल्ली जाएंगे। वहां ‘जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करेंगे।’’
दीपके ने ‘‘चलो दिल्ली’’ का आह्वान भी किया। कॉजपा संस्थापक ने कहा, ‘‘सरकार इतनी अक्षम है कि हमें दो महीने में फिर से विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।’’
उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का संदर्भ दिया।

दीपके ने एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का असली उद्देश्य ‘‘एक देश, एक चुनाव, एक पार्टी’’ है। उन्होंने कहा कि कॉजपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए महाराष्ट्र को चुना, क्योंकि कथित अनियमितताओं की शुरुआत इसी राज्य से हुई थी। दीपके ने दावा किया कि दो वर्षों में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।

उन्होंने कहा कि 2024 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 97 करोड़ थी और 2024 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच जीत का अंतर केवल दो प्रतिशत था। दीपके ने आरोप लगाया कि चुनाव से 15 दिन पहले कुमार की नियुक्ति ‘‘अंतर बढ़ाने’’ के लिए की गई थी। उन्होंने दावा किया कि 2024 में भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ‘‘चुरा लिया’’, क्योंकि मतदाता सूची में 40 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे।

दीपके ने कहा कि भाजपा समर्थक तर्क देते हैं कि तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड में विपक्षी दलों ने जीत हासिल की इसलिए चुनाव निष्पक्ष हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब मैच फिक्स होता है तो ऐसा नहीं होता कि हर गेंद नो-बॉल हो और हर कैच छूट जाए।’’
कॉजपा संस्थापक ने भाजपा पर महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से शुरुआत करते हुए क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘‘मुखौटा कंपनी’’ करार दिया।

पुलिस ने मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंच गए। दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को जेल में डालने की चुनौती दी थी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए व्यंग्यात्मक मीम और फिल्मों के संवाद वाली तख्तियां लेकर बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनकारी पहुंचे। शिवाजी पार्क में पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में लगाए गए बैरिकेड और तेज गर्मी भी प्रदर्शनकारियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। शिवाजी पार्क के निवासियों के विरोध और दादर स्टेशन तक भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारी क्रांतिकारी नारों, गांधी के उद्धरणों और कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर थामे नजर आये।

तिरंगे के साथ ‘‘ज्ञानू, तुझा डेमोक्रेसी वर भरोसा नाय के?’’, ‘‘ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन’’ और ‘‘गद्दार ज्ञानू मस्ट गो’’ जैसे नारे लिखे पोस्टर लिए स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में युवा इलाके में जुटे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने कॉजपा के आंदोलन को समर्थन दिया है।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कॉजपा प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इतनी ‘‘अक्षम’’ है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दो महीने के भीतर ही उन्हें एक और प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की चुनौती भी दी। कॉजपा के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार को शिवाजी पार्क के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने शाम चार बजे प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मध्य मुंबई में दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क मैदान के आसपास सुरक्षा कड़ी की। एक अधिकारी ने बताया कि किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के सुरक्षा कर्मियों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर व्यापक स्तर पर बैरिकेड भी लगाए गए हैं।

इस बीच, इलाके के निवासियों ने अपने पड़ोस में प्रदर्शन आयोजित किए जाने का कड़ा विरोध किया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘प्रस्तावित प्रदर्शन हमारे इलाके की शांति और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। वे इसे जबरन आयोजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

आवासीय क्षेत्र में इस तरह के प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’
इससे पहले दिन में, कॉजपा के संयोजक अभिजीत दीपके ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दक्षिण मुंबई में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कॉजपा सीईसी की नियुक्ति में पारदर्शिता की मांग करने के साथ ही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। कॉजपा ने यह मांग तब की जब कुछ दिनों पहले ही अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के ‘एसआईआर’ के दौरान नाम जोड़े और हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं।

निर्वाचन आयोग ने हालांकि एक बयान में स्पष्ट किया था कि तीन सदस्यीय आयोग ने एसआईआर समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं।

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