जहानाबाद NEET छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतका की मां ने नाराजगी जताई है। घटना के करीब 10 महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने से परिवार गहरे सदमे में है। मां ने कहा कि बेटी की मौत की सच्चाई सामने लाने और उसे न्याय दिलाने के लिए वह आखिरी सांस तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। बिहार पुलिस-सीबीआई की मिलीभगत का आरोप मृतका की मां ने बिहार पुलिस और सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों की मिलीभगत के कारण उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल सका। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मां ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि न्यायपालिका से उनकी बेटी को इंसाफ जरूर मिलेगा। डॉक्टर बनने का सपना लेकर पटना भेजा था मां ने भावुक होकर कहा कि बड़े सपने के साथ बेटी को पढ़ाई के लिए पटना भेजा था। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अपने सपने पूरे करेगी और एक दिन उसकी शादी की डोली घर से उठेगी। लेकिन हालात ऐसे बने कि बेटी की अर्थी घर से उठानी पड़ी। 10 महीने बाद भी नहीं मिला न्याय घटना को करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मां का कहना है कि अब तक बेटी की मौत की सच्चाई सामने नहीं आई। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट ने परिवार की उम्मीदों को और झटका दिया है। मां ने साफ कहा कि वह रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और न्याय के लिए हर कानूनी विकल्प का सहारा लेंगी। कातिलों को सामने लाने की आखिरी लड़ाई मां ने कहा कि बेटी के कातिलों को सामने लाने के लिए वह पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो हर कानूनी दरवाजा खटखटाएंगी। भावुकता में उन्होंने हथियार उठाने की बात भी कही, हालांकि न्याय पाने के लिए वह कानूनी रास्ते से लड़ाई जारी रखने पर जोर दे रही हैं। जहानाबाद NEET छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतका की मां ने नाराजगी जताई है। घटना के करीब 10 महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने से परिवार गहरे सदमे में है। मां ने कहा कि बेटी की मौत की सच्चाई सामने लाने और उसे न्याय दिलाने के लिए वह आखिरी सांस तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। बिहार पुलिस-सीबीआई की मिलीभगत का आरोप मृतका की मां ने बिहार पुलिस और सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों की मिलीभगत के कारण उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल सका। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मां ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि न्यायपालिका से उनकी बेटी को इंसाफ जरूर मिलेगा। डॉक्टर बनने का सपना लेकर पटना भेजा था मां ने भावुक होकर कहा कि बड़े सपने के साथ बेटी को पढ़ाई के लिए पटना भेजा था। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अपने सपने पूरे करेगी और एक दिन उसकी शादी की डोली घर से उठेगी। लेकिन हालात ऐसे बने कि बेटी की अर्थी घर से उठानी पड़ी। 10 महीने बाद भी नहीं मिला न्याय घटना को करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मां का कहना है कि अब तक बेटी की मौत की सच्चाई सामने नहीं आई। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट ने परिवार की उम्मीदों को और झटका दिया है। मां ने साफ कहा कि वह रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और न्याय के लिए हर कानूनी विकल्प का सहारा लेंगी। कातिलों को सामने लाने की आखिरी लड़ाई मां ने कहा कि बेटी के कातिलों को सामने लाने के लिए वह पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो हर कानूनी दरवाजा खटखटाएंगी। भावुकता में उन्होंने हथियार उठाने की बात भी कही, हालांकि न्याय पाने के लिए वह कानूनी रास्ते से लड़ाई जारी रखने पर जोर दे रही हैं।

