मां उठ जाओ’, लाश थप-थपाकर कर रोती रही बेटी:चश्मदीद बोले- लोगों को कुचलते हुए निकल गई भीड़; लखीसराय में 7 मौतों की आंखों देखी
“आ… माय गे… माय, गे… माय… उठ न गे…।” 18 साल की बंटी कुमारी अपनी मां रिंकु देवी के चेहरे को हाथों से थपथपाकर उन्हें उठाने की कोशिश करती है। रोते हुए वह कहती है- “मां, अब उठ जाओ…।” आसपास मौजूद महिलाएं भी चीख-चीखकर रो रही हैं और साथ ही बंटी को संभालने की कोशिश…

