Batwara 1947 Review: दर्द-पीड़ा के जज्बातों से भरी हिंदू-मुस्लिम की नफरतों को मिटाती फिल्म, सनी-प्रीति पर भारी पड़ीं शबाना आजमी
Batwara 1947 Movie Review: मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता, बस इसी पुराने पाठ को सिखाने के ही रास्ते पर ये फिल्म भी चलती रहती है। विभाजन का दर्द, पीड़ा को अपने अंदर समेटे हुए ये फिल्म पल-पल ये सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने-अपने धर्मों की आड़ में कब इंसानियत और…

