Cardiac Arrest Symptoms: कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर देता है ये 4 बड़े संकेत, लक्षण दिखने पर तुरंत करें ये काम, बच सकती है जान

Cardiac Arrest Symptoms: कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर देता है ये 4 बड़े संकेत, लक्षण दिखने पर तुरंत करें ये काम, बच सकती है जान

Cardiac Arrest Symptoms: दिल से जुड़ी बीमारियों में Cardiac Arrest सबसे खतरनाक स्थिति मानी जाती है। यह एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिल अचानक काम करना बंद कर देता है और शरीर के बाकी हिस्सों तक खून पहुंचना रुक जाता है। जब खून नहीं पहुंचता, तो शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलती और कुछ ही मिनटों में जान का खतरा बढ़ जाता है।

American Heart Association (AHA) के मुताबिक, हर साल लाखों लोग कार्डियक अरेस्ट की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। खास बात यह है कि यह किसी को भी हो सकता है, चाहे उसे पहले से दिल की बीमारी हो या नहीं।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में फर्क समझें

बहुत से लोग Heart Attack और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं। हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नस ब्लॉक हो जाती है। वहीं कार्डियक अरेस्ट में दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है, क्योंकि दिल का इलेक्ट्रिकल सिस्टम काम करना बंद कर देता है। सीधी भाषा में कहें तो हार्ट अटैक ब्लड फ्लो की समस्या है, जबकि कार्डियक अरेस्ट दिल की धड़कन की समस्या है।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण क्या होते हैं?

इसमें लक्षण अचानक और तेज होते हैं, जैसे

  • अचानक गिर जाना
  • सांस बंद होना
  • नाड़ी (pulse) न मिलना
  • बेहोशी

कुछ मामलों में पहले से भी संकेत मिल सकते हैं, जैसे:

  • सीने में दर्द या भारीपन
  • सांस लेने में दिक्कत
  • कमजोरी
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना

ऐसी स्थिति में क्या करें? डॉक्टर की सलाह

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार बताते हैं, “कार्डियक अरेस्ट के समय तुरंत और सही कदम उठाना ही जिंदगी बचा सकता है। हर मिनट बहुत कीमती होता है।” अगर कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए और सांस न ले रहा हो, तो सबसे पहले उसे हिलाकर देखें। अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं है, तो तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।

CPR कैसे दें (जान बचाने का तरीका)

Cardiac Arrest Symptoms
Cardiac Arrest Symptoms

CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन बहुत जरूरी होता है। व्यक्ति को सीधा और सख्त जगह पर लिटाएं। छाती के बीच में हाथ रखकर तेज और जोर से दबाएं। एक मिनट में करीब 100-120 बार दबाव दें। हर बार छाती को वापस ऊपर आने दें। अगर ट्रेनिंग हो, तो 30 दबाव के बाद 2 सांस भी दे सकते हैं। लेकिन अगर ट्रेनिंग नहीं है, तो सिर्फ हाथों से CPR देना भी काफी असरदार होता है।

डिफिब्रिलेटर से बढ़ती है बचने की संभावना

अगर आसपास Automated External Defibrillator (AED) उपलब्ध हो, तो उसका इस्तेमाल करें। यह मशीन दिल को झटका देकर उसकी धड़कन वापस शुरू करने में मदद करती है।

आसान भाषा में समझें

कार्डियक अरेस्ट अचानक आता है और जानलेवा हो सकता है, लेकिन सही समय पर CPR और तुरंत मदद मिलने से जान बचाई जा सकती है। इसलिए जरूरी है कि हर व्यक्ति को इसके बारे में बेसिक जानकारी हो, क्योंकि आपकी समझदारी किसी की जिंदगी बचा सकती है।

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