Captain Smit Machhar: 174 जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के लिए मेवाड़ का खास सम्मान, तैयार हुई ‘174 साहसी पगड़ी’

Captain Smit Machhar: 174 जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के लिए मेवाड़ का खास सम्मान, तैयार हुई ‘174 साहसी पगड़ी’

प्रमोद सोनी

उदयपुर। फ्लाई दुबई की उड़ान एफजेड 1073 में को-पायलट के हमले में घायल होने के बाद भी अदम्य साहस दिखाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में उदयपुर के पगड़ी निर्माता ने विशेष ‘174 साहसी पगड़ी’ तैयार की है। पगड़ी में राजस्थान का शौर्य, मेवाड़ की आन-बान और विमानन जगत की पहचान को एक साथ पिरोया है। पगड़ी पर अंकित ‘174 साहस’ उन 174 जिंदगियों को समर्पित है, जिन्हें बचाने में कैप्टन ने बहादुरी का परिचय दिया।

विशेष पगड़ी में केसरिया रंग राजस्थान के शौर्य, वीरता और गौरव का प्रतीक है, वहीं आसमानी नीला रंग खुले आकाश और विमानन जगत की पहचान को दर्शाता है। पगड़ी के डिजाइन में विमानन से जुड़े प्रतीकों के साथ ‘174 साहस’ को प्रमुखता दी गई है। इसे पारंपरिक भोपालशाही शैली में तैयार किया गया है।

खास अवसरों पर तैयार करते हैं पगड़ी

पगड़ी निर्माता जिनेश व जयंत कोठारी ने बताया कि मेवाड़ में विशिष्ट व्यक्ति और खास अवसरों पर पगड़ी तैयार करने की परंपरा रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कैप्टन स्मित के लिए यह पगड़ी तैयार की है। यह केवल पगड़ी नहीं, बल्कि मेवाड़ की ओर से साहस को दिया गया सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनके यहां कई हस्तियों के लिए पगड़ियां तैयार की जा चुकी हैं। लेकिन कैप्टन स्मित का साहस उन्हें अलग पहचान देता है। जिस दिन यह पगड़ी उनके सिर पर सजेगी, वह उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मेवाड़ के लिए गर्व का क्षण होगा।

ऐसे की गई तैयार

पगड़ी को तैयार करने में चार से पांच दिन लगे। पहले चरण में डिजाइन और रंगों का चयन किया गया। केसरिया और नीले रंग के संयोजन के साथ विमानन प्रतीकों तथा ‘174 साहस’ चिह्न को पगड़ी में उकेरा गया। पारंपरिक स्वरूप देने के लिए इसे भोपालशाही शैली में बांधा गया। इसका नाम ‘कैप्टन स्मित मच्छार 174 साहसी पगड़ी’ रखा है।

कैप्टन तक पहुंचाने के लिए मांगा पीएमओ से सहयोग

जिनेश व जयंत ने बताया कि पगडी कैप्टन स्मित तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर सहयोग मांगा गया है। फ्लाई दुबई सहित संबंधित भारतीय और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह पगड़ी कैप्टन तक पहुंचे और वे मेवाड़ की ओर से दिए गए इस सम्मान को स्वीकार करें, यही उनकी कोशिश है।

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