सीवान शहर में इन दिनों चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन महादेवा थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला सोमवार सुबह का है, जहां थाना से महज कुछ दूरी पर किराए के मकान में रह रहे एक मोबाइल दुकानदार के घर से चोरों ने लाखों रुपये के गहने और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि घटना की जानकारी देने पहुंचे पीड़ित को महादेवा थाना से यह कहकर लौटा दिया गया कि “डायल 112 पर फोन करिए”, मानो एफआईआर दर्ज करना अब थाना का नहीं बल्कि डायल 112 का काम हो गया हो। मामला मैरवा थाना क्षेत्र के मिश्रीचक निवासी मुन्नीलाल का है, जो बबुनिया मोड़ स्थित ललन कॉम्प्लेक्स में मोबाइल दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। वह महादेवा थाना के समीप मनिंदर कुमार के मकान में परिवार के साथ किराए पर रहता है। पीड़ित ने बताया कि रविवार रात अत्यधिक गर्मी होने के कारण वह परिवार के साथ कमरे में ताला लगाकर छत पर सोने चला गया। रोज की तरह उसने कमरे की चाभी और मोबाइल तकिये के नीचे रख दिया था। सोमवार सुबह जब नींद खुली तो तकिये के नीचे से मोबाइल और चाभी दोनों गायब थे। नीचे कमरे में पहुंचते ही उसके होश उड़ गए। पूरा कमरा अस्त-व्यस्त पड़ा था और घर में रखी पेटी गायब थी। उस पेटी में करीब चार लाख रुपये के गहने और नकदी रखी हुई थी। चोरी की सूचना देने जब वह महादेवा थाना पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना शिकायत सुने ही उसे डायल 112 पर फोन करने की सलाह देकर वापस लौटा दिया। पीड़ित का आरोप है कि डायल 112 पर कॉल करने के बाद भी उसे बताया गया कि “10 बजे के बाद आएंगे।” घटना के बाद इलाके में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस गश्ती आखिर कर क्या रही है? थाना से कुछ ही दूरी पर लाखों की चोरी हो जाती है और पुलिस को भनक तक नहीं लगती। इससे पहले भी महादेवा थाना क्षेत्र में कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े चोरी कांड का खुलासा नहीं हो सका है।
पूरे मामले को लेकर जब महादेवा थाना प्रभारी विनीत विनायक से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव तक करना जरूरी नहीं समझा। थाना प्रभारी की यह चुप्पी अब लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है। लगातार बढ़ती चोरी और पुलिस की लापरवाही से आम लोगों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है। सीवान शहर में इन दिनों चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन महादेवा थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला सोमवार सुबह का है, जहां थाना से महज कुछ दूरी पर किराए के मकान में रह रहे एक मोबाइल दुकानदार के घर से चोरों ने लाखों रुपये के गहने और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि घटना की जानकारी देने पहुंचे पीड़ित को महादेवा थाना से यह कहकर लौटा दिया गया कि “डायल 112 पर फोन करिए”, मानो एफआईआर दर्ज करना अब थाना का नहीं बल्कि डायल 112 का काम हो गया हो। मामला मैरवा थाना क्षेत्र के मिश्रीचक निवासी मुन्नीलाल का है, जो बबुनिया मोड़ स्थित ललन कॉम्प्लेक्स में मोबाइल दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। वह महादेवा थाना के समीप मनिंदर कुमार के मकान में परिवार के साथ किराए पर रहता है। पीड़ित ने बताया कि रविवार रात अत्यधिक गर्मी होने के कारण वह परिवार के साथ कमरे में ताला लगाकर छत पर सोने चला गया। रोज की तरह उसने कमरे की चाभी और मोबाइल तकिये के नीचे रख दिया था। सोमवार सुबह जब नींद खुली तो तकिये के नीचे से मोबाइल और चाभी दोनों गायब थे। नीचे कमरे में पहुंचते ही उसके होश उड़ गए। पूरा कमरा अस्त-व्यस्त पड़ा था और घर में रखी पेटी गायब थी। उस पेटी में करीब चार लाख रुपये के गहने और नकदी रखी हुई थी। चोरी की सूचना देने जब वह महादेवा थाना पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना शिकायत सुने ही उसे डायल 112 पर फोन करने की सलाह देकर वापस लौटा दिया। पीड़ित का आरोप है कि डायल 112 पर कॉल करने के बाद भी उसे बताया गया कि “10 बजे के बाद आएंगे।” घटना के बाद इलाके में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस गश्ती आखिर कर क्या रही है? थाना से कुछ ही दूरी पर लाखों की चोरी हो जाती है और पुलिस को भनक तक नहीं लगती। इससे पहले भी महादेवा थाना क्षेत्र में कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े चोरी कांड का खुलासा नहीं हो सका है।
पूरे मामले को लेकर जब महादेवा थाना प्रभारी विनीत विनायक से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव तक करना जरूरी नहीं समझा। थाना प्रभारी की यह चुप्पी अब लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है। लगातार बढ़ती चोरी और पुलिस की लापरवाही से आम लोगों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है।


