Haunted bungalow in Delhi: राजधानी दिल्ली के ऐसे ‘मनहूस बंगले’ पर अब बुलडोजर चलने जा रहा है, जिसको लेकर मिथक है कि यहां पर जो भी रहने के लिए आता वो टिक नहीं पाता है। इस बंगले को अशुभ मानते हुए कोई भी नेता यहां रहने के लिए तैयार नहीं होता। अधिकारियों के मुताबिक, 1920 के दशक में बनी यह दो मंजिला इमारत पिछले दो दशकों से अधिक समय से वीरान पड़ी है और अब तक इसमें कोई स्थायी रूप से नहीं रहा है। दिल्ली सरकार की योजनाओं से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, 33, शाम नाथ मार्ग पर स्थित औपनिवेशिक दौर का यह बड़ा बंगला अब ध्वस्त किया जाएगा और उसकी जगह आधुनिक कार्यालय परिसर विकसित किया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस बेशकीमती जमीन के अधिकतम और कुशल उपयोग के लिए एक व्यापक पुनर्विकास योजना तैयार की गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वर्तमान ढांचे के स्थान पर एक अत्याधुनिक और आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण करना है। HT के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर साझा किया कि पुरानी जर्जर इमारत को ध्वस्त करने के तुरंत बाद, पूरी जमीन के लिए एक बिल्कुल नया और एडवांस लेआउट तैयार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव के तहत यहां एक विशाल ऑफिस कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है, जिसके लिए विशेषज्ञों और नामी आर्किटेक्ट्स से भी परामर्श लिया जा सकता है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भवन में अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण की संभावना भी तलाशी जा रही है। निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद, इस परिसर को लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे इसे विभिन्न सरकारी कार्यालयों को आवंटित किया जा सके।
तीन सीएम नहीं पूरा कर पाए कार्यकाल
दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में 33, शामनाथ मार्ग पर स्थित यह बंगला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। बीते कई दशकों में यहां रहने वालों के साथ हुई कुछ घटनाओं के कारण लोगों ने इसे ‘मनहूस बंगला’ कहना शुरू कर दिया। खास बात यह है कि इस बंगले से जुड़े तीन ऐसे मुख्यमंत्रियों का जिक्र किया जाता है, जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। ऐसे में आइए जानते हैं उन पूर्व सीएम और उनके कार्यकाल से जुड़ी अहम बातें। दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में 33, शामनाथ मार्ग पर स्थित यह बंगला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। बीते कई दशकों में यहां रहने वालों के साथ हुई कुछ घटनाओं के कारण लोगों ने इसे ‘मनहूस बंगला’ कहना शुरू कर दिया। खास बात यह है कि इस बंगले से जुड़े तीन ऐसे मुख्यमंत्रियों का जिक्र किया जाता है, जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। ऐसे में आइए जानते हैं उन पूर्व सीएम और उनके कार्यकाल से जुड़ी अहम बातें।


