बरेली। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने रिश्वतखोरी में फंसे ट्रेनी दरोगा विमल कुमार चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली और जांच में आरोप सही पाए गए तो उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो बर्खास्तगी तक की कार्रवाई होगी।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र की बैरियर-02 चौकी पर तैनात ट्रेनी उप निरीक्षक विमल कुमार चौहान के खिलाफ एंटी करप्शन टीम को भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर 8 मई को टीम ने कार्रवाई करते हुए चौकी कार्यालय से दरोगा को ट्रैप किया। मामले में थाना सीबीगंज में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है।
एसएसपी ने दिखाई सख्ती, पुलिसकर्मियों को चेतावनी
मामले को बेहद गंभीर मानते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई कर दी। आदेश में कहा गया है कि आरोपी दरोगा ने अपने पदीय दायित्वों के विपरीत कार्य करते हुए घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कदाचार का परिचय दिया है। इसके साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पूरे पुलिस महकमे को चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद एसएसपी ने पूरे पुलिस विभाग को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि बरेली पुलिस में भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता से अवैध वसूली, रिश्वतखोरी या पद का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीधे कठोर कार्रवाई होगी।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
एक ट्रेनी दरोगा पर हुई इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की निगरानी और सख्त की जाएगी। SSP की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में बड़ा संदेश माना जा रहा है।


