महोबा में कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने स्वयं मोर्चा संभाला। जिले में ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ और ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ अभियान के तहत रात में एसपी ने सड़कों पर उतरकर वाहनों की सघन चेकिंग की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान ने जिले के अराजक तत्वों में हलचल पैदा कर दी है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुए इन अभियानों के तहत एसपी खुद पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। चेकिंग के दौरान एसपी शशांक सिंह ने सड़क पर चलने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच कराई। इस कार्रवाई में विशेष रूप से उन युवाओं पर ध्यान दिया गया जो बुलेट और अन्य बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर अत्यधिक शोर करते हैं। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर ही कई बाइकों से तेज आवाज करने वाले साइलेंसरों को हटवाया और वाहन स्वामियों को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी। केवल साइलेंसर ही नहीं, बल्कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए। ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ अभियान के तहत की गई चेकिंग में जो भी चालक शराब के नशे में पाया गया, उस पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि सड़क पर दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, गश्त के दौरान पुलिस ने राह चलते संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनसे पूछताछ की और उनकी तलाशी भी ली। इस अभियान की एक खास बात ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ है, जिसके तहत शाम के वक्त थानों में केवल एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जा रही है, ताकि बाकी का पूरा बल सड़कों पर सक्रिय रहे। एएसपी वंदना सिंह और सीओ अरुण कुमार की मौजूदगी में चलाए गए इस पैदल मार्च और चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ाना और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। जनता के बीच विश्वास बहाली और अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करना है। जिले में यह अभियान अब लगातार जारी रहेगा।


