विदिशा जिले में किसानों को नकली और अमानक कृषि सामग्री (खाद, बीज, कीटनाशक) से बचाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाया है। वर्ष 2025-26 के अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले 22 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस या तो पूरी तरह निरस्त कर दिए गए हैं या उन्हें निलंबित कर दिया गया है। सघन जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
कृषि विभाग द्वारा जिले भर में उर्वरक, बीज और कीटनाशक दुकानों पर लगातार निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानों के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस की शर्तों और विक्रय प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल की। जांच में कई दुकानों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की है। इन ब्लॉकों और प्रमुख दुकानों पर गिरी गाज
यह कार्रवाई जिले के ग्यारसपुर, नटेरन, विदिशा, सिरोंज, लटेरी, बासौदा और कुरवाई विकासखंडों में की गई है। जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: किसान बाजार, ग्यारसपुर हरसिद्धि ट्रेडर्स कृषा कृषि सेवा केंद्र, गुलाबगंज दांगी कृषि सेवा केंद्र महादेव कृषि सेवा केंद्र आदित्य कृषि सेवा केंद्र बंधुश्री कृषि सेवा केंद्र किसानों से पक्का बिल लेने की अपील
कृषि विभाग ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे: केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही बीज, खाद और कीटनाशक खरीदें। सामग्री खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य मांगें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत होने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचित करें। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिलेभर में किसानों को अमानक और घटिया कृषि आदानों से बचाने के लिए यह जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


