कांगड़ा के गुप्त गंगा में आयोजित ‘कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर’ को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से लोगों से जुड़ने को कहा। बोले- पदाधिकारी और कार्यकर्ता लोगों की समस्यायों का निदान कराएं। शिविर में उनके साथ हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कहा कि कर्मठ कार्यकर्ताओं को पार्टी में सम्मान मिलेगा। लोगों से जुड़ेंगे तभी संगठन मजबूत रहेगा र कांग्रेस की नीतियों के अनुरूप कार्य हो सकेगा
कार्यकर्ताओं का सम्मान और जमीनी जुड़ाव पर जोर भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल की असली शक्ति उसके कर्मठ कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने तीन बातों से अपनी बात समझाई, जिससे पार्टी और नेता दोनों मजबूत होते हैं। जमीनी जुड़ाव: कार्यकर्ताओं को धरातल पर उतरकर लोगों की समस्याओं को समझना होगा और उनसे सीधा संवाद स्थापित करना होगा। सम्मान का वादा: समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पार्टी के भीतर पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। संगठनात्मक ढांचा: वैचारिक दृढ़ता और बूथ स्तर की मजबूती ही संगठन को अजेय बनाती है। कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख बघेल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक कांग्रेस की भूमिका निर्णायक रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश ने अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर तीव्र आर्थिक विकास तक जो भी ऊंचाइयां छुई हैं, वे कांग्रेस की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने आधुनिक हिमाचल के निर्माण में भी पार्टी के निरंतर योगदान को रेखांकित किया। 30 अप्रैल को शामिल होंगे राहुल गांधी प्रशिक्षण शिविर के बारे में जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा तैनात संयोजक अजय वर्मा ने बताया कि इस शिविर का महत्व और बढ़ने वाला है। आगामी 30 अप्रैल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी इस शिविर में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। युवा भागीदारी और बूथ स्तर पर फोकस बघेल ने आह्वान किया कि कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को राजनीति की मुख्यधारा में लाने और बूथ स्तर की कमेटियों को सशक्त करने पर बल दिया, ताकि संगठन हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहे।


