काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर सोमवार को समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला दहन किया और इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में करीब 100 कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। पुतला दहन कर जताया विरोध
कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। उनका कहना था कि निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठा रही है। कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग
सपा नेता रजत कुमार यादव ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। वहीं, लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ता अमन यादव ने भी निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए और प्रदर्शन के दौरान पार्टी की मांगों को दोहराया। “बंगाल और बिहार में घोटाले किए गए”
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल और बिहार में भी गड़बड़ी और घोटाले किए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे मामलों को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की। “चुनाव आयोग पर अदाणी-अंबानी के पक्ष में काम करने का आरोप”
कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग पर उद्योगपतियों अदाणी और अंबानी के पक्ष में काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, उससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जारी रखने की बात कही। “जहां-जहां चुनाव हुए, वहां वोट चोरी में साथ देने का आरोप”
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जहां-जहां चुनाव कराए, वहां “वोट चोरी” में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनका साथ दिया। इसी आरोप को लेकर कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और इस्तीफे की मांग उठाई। करीब 100 कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में राष्ट्रीय सचिव लोहिया वाहिनी एवं कैंट विधानसभा क्षेत्र से जुड़े रजत वाल्मीकि समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।

