भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ में हाल में आयोजित एक सांस्कृतिक उत्सव पर शुक्रवार को कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि किसी पवित्र स्थल पर ऐसे संगीत कार्यक्रम की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि पवित्र धाम की शुचिता पर सीधा हमला भी है। जोशी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाकर ‘‘देवभूमि’’ की पवित्रता बनाए रखने का आग्रह किया। मीडिया की खबरों के अनुसार उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ शहर में ‘संस्कृति हमारी धरोहर, हमारा भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया था।
जोशी ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह को अनुमति प्रदान करना न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है।’’
उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने शांतिपूर्ण भजन गायन और प्रभु भक्ति के लिए विशेष रूप से हिमालयी वातावरण के बीच बद्रीनाथ धाम की स्थापना की थी। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उल्लेखनीय है की इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है साथ में इतनी ऊचाई पर हजारों लोगों के नाचने से स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। ’’
उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि ‘‘देवभूमि’’ में ‘‘बाजारू संस्कृति’’ अपनी जड़ें जमा रही है।
जोशी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाकर ‘‘देवभूमि’’ की पवित्रता बनाए रखने का आग्रह किया।

