असम के लिए कांग्रेस के नए प्रभारी पार्टी महासचिव भूपेश बघेल ने शनिवार को आरोप लगाया कि नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव ‘डबल-इंजन’ वाली भाजपा सरकार ने उस क्षेत्र के लोगों पर थोपा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दिन भर चली बैठक के बाद प्रेसवार्ता में बघेल ने कहा कि पिछले छह महीनों में ‘डबल-इंजन’ सरकार का ‘असली चेहरा’ सामने आ गया है। नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत तब पड़ी, जब असम में विधानसभा चुनाव से पहले, इस साल मार्च में तत्कालीन कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जब तक बोरदोलोई कांग्रेस के साथ थे, वह सांसद रहे, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद वह विधायक बन गए। बघेल ने कहा कि कोई भी सिर्फ़ सांसद से विधायक बनने के लिए राजनीतिक पार्टियां नहीं बदलता। इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।
कांग्रेस के एक प्रवक्ता के अनुसार बघेल की मौजूदगी में हुई बैठक में ऊपरी असम के तीन ज़िलों में आई विनाशकारी बाढ़ से पैदा हुई स्थिति और राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि नेताओं ने इस बाढ़ को ‘‘इंसान की वजह से आई’’ और ‘‘सिंडिकेट का नतीजा’’ बताते हुए इस मुद्दे को जनता के सामने ले जाने और इसके स्थायी समाधान के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। बैठक में आदिवासी नेता प्रणब डोले की रिहाई की मांग के लिए मिलकर काम करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
उन्हें काजीरंगा नेशनल पार्क के पास प्रस्तावित फाइव-स्टार होटल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के कारण जेल में डाल दिया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि इसके अलावा, एक संयुक्त प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें आगामी उपचुनावों में भाजपा और एआईयूडीएफ के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की वकालत की गई।

