तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पार्टी के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस दुखद खबर से वे बेहद आहत और व्यथित हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए ममता बनर्जी ने आशीष बनर्जी के लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि आशीष दा ने अपना पूरा जीवन शिक्षा, जनसेवा और समाज के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था।
झूठे आरोपों से थे परेशान
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अपने जीवन के अंतिम दिनों में आशीष बनर्जी को भारी मानसिक और भावनात्मक तनाव झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और निष्कलंक काम के बावजूद उन्हें बार-बार निशाना बनाया गया। ममता बनर्जी के मुताबिक, विरोधी दलों और मीडिया के एक वर्ग ने उन पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें लगातार बदनाम करने और उन पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश की, जिससे वे काफी आहत थे।
The passing of Asish Banerjee has left me deeply disturbed.
He spent much of his life teaching and serving society with dedication, always known for his humble nature and close bond with the people of Rampurhat and Birbhum.
What makes this tragedy even more painful is the…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) August 16, 2026
इसे भी पढ़ें: Asish Banerjee के परिवार से CM Suvendu Adhikari ने की बात, कहा- सच सामने लाएगी BJP सरकार
बीरभूम के विकास में दिया बड़ा योगदान
ममता बनर्जी ने आशीष बनर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि रामपुरहाट से पांच बार विधायक और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए दिन-रात काम किया। वे अपने सौम्य स्वभाव और आम जनता के साथ गहरे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि राजनीति में बढ़ती कटुता और उसके मानवीय नुकसान पर हम सभी को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: Asish Banerjee की मौत पर भड़के Abhishek Banerjee, मीडिया ट्रायल पर जताई कड़ी आपत्ति
ममता ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की
ममता बनर्जी ने आशीष बनर्जी के शोकाकुल परिवार, उनके समर्थकों, करीबियों और पूर्व छात्रों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आशीष दा की कमी पार्टी और पूरे बीरभूम क्षेत्र को हमेशा महसूस होगी। आपको बता दें कि बीरभूम जिले में पार्टी कार्यालय के भीतर आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला था, जिसके बाद से ही राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


