Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के

Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के

 भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए इसे 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की। 

 भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। 

अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। 

यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। 

भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए इसे 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’

 उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था।

 हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।

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