CM को धमकी देने वाला आरोपी अरेस्ट:मुंगेर पुलिस ने अहमदाबाद से पकड़ा, एसपी बोले-तनाव-पारिवारिक कलह में उठाया कदम

CM को धमकी देने वाला आरोपी अरेस्ट:मुंगेर पुलिस ने अहमदाबाद से पकड़ा, एसपी बोले-तनाव-पारिवारिक कलह में उठाया कदम

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धमकी देने के मामले में मुंगेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गुजरात से अरेस्ट कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है, हालांकि शुरुआती जांच में किसी संगठित साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। शुक्रवार को मुंगेर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि आरोपी शेखर यादव को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री को धमकी से जुड़ा ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की। देखें, मौके से आई तस्वीरे… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा ममाला… स्पेशल टीम ने छापेमारी कर धर दबोचा पुलिस के अनुसार, पहले आरोपी की पहचान और पते का सत्यापन किया गया, जिसके बाद एक विशेष टीम गुजरात भेजी गई। टीम ने अहमदाबाद में छापेमारी कर शेखर यादव को पकड़ लिया। फिलहाल उसे मुंगेर लाया जा रहा है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी। आरोपी अहमदाबाद में ट्रक चालता था गिरफ्तार आरोपी बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र स्थित खरौधा गांव का रहने वाला है। वह कृष्ण यादव का पुत्र है और अहमदाबाद में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार से दूर रह रहा था। पूछताछ में शेखर ने बताया कि उसे एक अज्ञात नंबर से फोन आया था, जिसके दौरान उसकी दूसरे व्यक्ति से कहासुनी हो गई। इसी दौरान उसने आवेश में आकर आपत्तिजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में यह घटना अचानक गुस्से में हुई प्रतीत होती है, न कि किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा। 5 अप्रैल को रिकॉर्डिंग पुलिस के पास पहुंची बताया गया कि जिस व्यक्ति से उसकी बातचीत हुई थी, उसने कॉल रिकॉर्ड कर ली और बाद में यह ऑडियो अन्य लोगों तक पहुंच गया। 15 अप्रैल को यह रिकॉर्डिंग संग्रामपुर थाना पुलिस के पास पहुंची, जिसके बाद मामले की जानकारी तुरंत वरीय अधिकारियों को दी गई। एसपी के निर्देश पर तारापुर डीएसपी के नेतृत्व में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। संग्रामपुर थानाध्यक्ष की निगरानी में कार्रवाई आगे बढ़ी और जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई। पुलिस टीम ने आरोपी के गांव पहुंचकर उसके परिजनों से भी पूछताछ की, जहां से उसके अहमदाबाद में होने की पुष्टि हुई। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है। केवल मारपीट का एक पुराना मामला सामने आया है। वहीं परिजनों ने उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है और बताया कि पिछले कुछ समय से उसका व्यवहार असामान्य और गुस्सैल रहा है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। मुंगेर पुलिस का कहना है कि आरोपी को बिहार लाने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि ऑडियो किस तरह वायरल हुआ, किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें किसी अन्य की भूमिका है या नहीं। इस घटना के सामने आने के बाद मुंगेर और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हुई है। एसपी बोले- आरोपी को अहमदाबाद से डिटेन किया मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धमकी देने और अपशब्द कहने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी की पहचान शेखर यादव के रूप में की है, जिसे गुजरात के अहमदाबाद से डिटेन किया गया है। आरोपी मूल रूप से बेलहर थाना क्षेत्र के खलौद गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल को संग्रामपुर थाना को एक ऑडियो क्लिप मिली थी। इसमें एक व्यक्ति मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। ऑडियो क्लिप के आधार पर दर्ज हुआ केस मुंगेर एसपी ने बताया कि वायरल ऑडियो क्लिप मिलने के बाद संग्रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। कांड के अनुसंधानकर्ता संग्रामपुर थाना प्रभारी को बनाया गया। जांच के दौरान तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी की पहचान शेखर यादव के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस टीम उसके गांव पहुंची, जहां पता चला कि वह पिछले डेढ़ साल से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर ट्रक चलाने का काम कर रहा है। वह गांव बहुत कम आता था। अहमदाबाद पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया मुंगेर पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया और समन्वय के बाद अपनी टीम अहमदाबाद भेजी। वहां आरोपी को आवश्यक पूछताछ के लिए डिटेन किया गया। अब उसे बिहार लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि उसने किस नंबर से कॉल किया और किन लोगों से संपर्क में था। मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच होगी। परिवार से कटऑफ, पत्नी बीमार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था। वह परिजनों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। उसकी पत्नी गांव में रहती है और बीमार बताई जा रही है। आरोपी के तीन बच्चे भी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति और पारिवारिक हालात को भी जांच के दायरे में रखा गया है। यह देखा जा रहा है कि कहीं निजी तनाव या पारिवारिक विवाद की वजह से उसने ऐसा कदम तो नहीं उठाया। पहले भी दर्ज हो चुका है केस जांच में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले उसने अपने ही परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट की थी। उस मामले में बेलहर थाना में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले से आपराधिक प्रवृत्ति का है या नहीं, और क्या किसी संगठन या अन्य व्यक्ति के उकसावे में आकर उसने मुख्यमंत्री को धमकी दी। अनजान नंबर से कॉल आने का दावा पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन उसे लगातार कुछ अनजान नंबरों से कॉल आ रहे थे। इससे वह मानसिक संतुलन खो बैठा और गुस्से में आकर आपत्तिजनक बातें बोल दीं। हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि नहीं मान रही है। अधिकारियों ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। पुलिस बोली- हर बिंदु पर होगी जांच मुंगेर पुलिस का कहना है कि अभी केस ऑडियो क्लिप के आधार पर दर्ज हुआ है। आगे की जांच में कई और तथ्य सामने आ सकते हैं। आरोपी को बिहार लाकर पूछताछ की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री को धमकी क्यों दी, क्या उसकी किसी से रंजिश थी या वह किसी मानसिक दबाव में था। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धमकी देने के मामले में मुंगेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गुजरात से अरेस्ट कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है, हालांकि शुरुआती जांच में किसी संगठित साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। शुक्रवार को मुंगेर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि आरोपी शेखर यादव को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री को धमकी से जुड़ा ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की। देखें, मौके से आई तस्वीरे… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा ममाला… स्पेशल टीम ने छापेमारी कर धर दबोचा पुलिस के अनुसार, पहले आरोपी की पहचान और पते का सत्यापन किया गया, जिसके बाद एक विशेष टीम गुजरात भेजी गई। टीम ने अहमदाबाद में छापेमारी कर शेखर यादव को पकड़ लिया। फिलहाल उसे मुंगेर लाया जा रहा है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी। आरोपी अहमदाबाद में ट्रक चालता था गिरफ्तार आरोपी बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र स्थित खरौधा गांव का रहने वाला है। वह कृष्ण यादव का पुत्र है और अहमदाबाद में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार से दूर रह रहा था। पूछताछ में शेखर ने बताया कि उसे एक अज्ञात नंबर से फोन आया था, जिसके दौरान उसकी दूसरे व्यक्ति से कहासुनी हो गई। इसी दौरान उसने आवेश में आकर आपत्तिजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में यह घटना अचानक गुस्से में हुई प्रतीत होती है, न कि किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा। 5 अप्रैल को रिकॉर्डिंग पुलिस के पास पहुंची बताया गया कि जिस व्यक्ति से उसकी बातचीत हुई थी, उसने कॉल रिकॉर्ड कर ली और बाद में यह ऑडियो अन्य लोगों तक पहुंच गया। 15 अप्रैल को यह रिकॉर्डिंग संग्रामपुर थाना पुलिस के पास पहुंची, जिसके बाद मामले की जानकारी तुरंत वरीय अधिकारियों को दी गई। एसपी के निर्देश पर तारापुर डीएसपी के नेतृत्व में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। संग्रामपुर थानाध्यक्ष की निगरानी में कार्रवाई आगे बढ़ी और जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई। पुलिस टीम ने आरोपी के गांव पहुंचकर उसके परिजनों से भी पूछताछ की, जहां से उसके अहमदाबाद में होने की पुष्टि हुई। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है। केवल मारपीट का एक पुराना मामला सामने आया है। वहीं परिजनों ने उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है और बताया कि पिछले कुछ समय से उसका व्यवहार असामान्य और गुस्सैल रहा है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। मुंगेर पुलिस का कहना है कि आरोपी को बिहार लाने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि ऑडियो किस तरह वायरल हुआ, किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें किसी अन्य की भूमिका है या नहीं। इस घटना के सामने आने के बाद मुंगेर और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हुई है। एसपी बोले- आरोपी को अहमदाबाद से डिटेन किया मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धमकी देने और अपशब्द कहने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी की पहचान शेखर यादव के रूप में की है, जिसे गुजरात के अहमदाबाद से डिटेन किया गया है। आरोपी मूल रूप से बेलहर थाना क्षेत्र के खलौद गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल को संग्रामपुर थाना को एक ऑडियो क्लिप मिली थी। इसमें एक व्यक्ति मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। ऑडियो क्लिप के आधार पर दर्ज हुआ केस मुंगेर एसपी ने बताया कि वायरल ऑडियो क्लिप मिलने के बाद संग्रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। कांड के अनुसंधानकर्ता संग्रामपुर थाना प्रभारी को बनाया गया। जांच के दौरान तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी की पहचान शेखर यादव के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस टीम उसके गांव पहुंची, जहां पता चला कि वह पिछले डेढ़ साल से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर ट्रक चलाने का काम कर रहा है। वह गांव बहुत कम आता था। अहमदाबाद पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया मुंगेर पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया और समन्वय के बाद अपनी टीम अहमदाबाद भेजी। वहां आरोपी को आवश्यक पूछताछ के लिए डिटेन किया गया। अब उसे बिहार लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि उसने किस नंबर से कॉल किया और किन लोगों से संपर्क में था। मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच होगी। परिवार से कटऑफ, पत्नी बीमार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था। वह परिजनों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। उसकी पत्नी गांव में रहती है और बीमार बताई जा रही है। आरोपी के तीन बच्चे भी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति और पारिवारिक हालात को भी जांच के दायरे में रखा गया है। यह देखा जा रहा है कि कहीं निजी तनाव या पारिवारिक विवाद की वजह से उसने ऐसा कदम तो नहीं उठाया। पहले भी दर्ज हो चुका है केस जांच में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले उसने अपने ही परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट की थी। उस मामले में बेलहर थाना में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले से आपराधिक प्रवृत्ति का है या नहीं, और क्या किसी संगठन या अन्य व्यक्ति के उकसावे में आकर उसने मुख्यमंत्री को धमकी दी। अनजान नंबर से कॉल आने का दावा पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन उसे लगातार कुछ अनजान नंबरों से कॉल आ रहे थे। इससे वह मानसिक संतुलन खो बैठा और गुस्से में आकर आपत्तिजनक बातें बोल दीं। हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि नहीं मान रही है। अधिकारियों ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। पुलिस बोली- हर बिंदु पर होगी जांच मुंगेर पुलिस का कहना है कि अभी केस ऑडियो क्लिप के आधार पर दर्ज हुआ है। आगे की जांच में कई और तथ्य सामने आ सकते हैं। आरोपी को बिहार लाकर पूछताछ की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री को धमकी क्यों दी, क्या उसकी किसी से रंजिश थी या वह किसी मानसिक दबाव में था। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।  

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