राउल कास्त्रो पर कार्रवाई के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, कहा जो काम 50-60 साल में नहीं हुआ, वो मैं करूंगा

राउल कास्त्रो पर कार्रवाई के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, कहा जो काम 50-60 साल में नहीं हुआ, वो मैं करूंगा

Donald Trump on Cuba Crisis: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका मानवीय आधार पर क्यूबा की मदद करना चाहता है और संभव है कि वह ऐसा कदम उठाएं, जो पिछले कई दशकों में कोई अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं कर पाया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

वॉशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि क्यूबा इस समय गंभीर आर्थिक और बिजली संकट से गुजर रहा है। वहां लोगों के पास पर्याप्त भोजन, पैसे और बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहता है, न कि उन्हें डराना।

क्यूबा की हालत बेहद खराब

ट्रंप ने कहा कि क्यूबा की मौजूदा स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उनके मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था लगभग टूट चुकी है और आम लोग मुश्किल हालात में जी रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती का मकसद क्यूबा पर दबाव बनाना नहीं है।

ट्रंप ने कहा कि उनका उद्देश्य मानवीय सहायता देना है और वह चाहते हैं कि क्यूबा के लोग बेहतर जिंदगी जी सकें।

क्यूबा मूल के लोगों का भी किया जिक्र

अपने बयान में ट्रंप ने अमेरिका में रहने वाले क्यूबा मूल के लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फ्लोरिडा और मियामी में रहने वाले कई लोग अपने पुराने देश की मदद करना चाहते हैं।

ट्रंप के मुताबिक, ये लोग क्यूबा में निवेश करना चाहते हैं और वहां की स्थिति सुधारने में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति दशकों तक इस दिशा में कुछ करने की सोचते रहे, लेकिन अब शायद वह यह कदम उठाने वाले पहले राष्ट्रपति बन सकते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्यूबा को बताया विफल राष्ट्र

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी क्यूबा की मौजूदा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि क्यूबा की आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है और मौजूदा ढांचे के साथ देश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

रुबियो ने कहा कि क्यूबा के लोग भी वही अधिकार चाहते हैं, जो आसपास के देशों और अमेरिका में लोगों को मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सरकार केवल समय निकालने की कोशिश कर रही है और वास्तविक सुधारों के लिए तैयार नहीं है।

अमेरिका ने सुरक्षा चिंता भी जताई

मार्को रुबियो ने कहा कि क्यूबा में बढ़ती अस्थिरता अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है, क्योंकि क्यूबा अमेरिकी तट से सिर्फ 90 मील दूर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर क्यूबा में हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर अमेरिका पर भी पड़ सकता है। इसमें बड़े पैमाने पर पलायन, हिंसा और क्षेत्रीय अस्थिरता जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

राउल कास्त्रो पर बढ़ा दबाव

इसी बीच अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो नागरिक विमानों को गिराए जाने के मामले में औपचारिक आरोप लगाए हैं। इन विमानों में सवार चार निर्वासित क्यूबाई नागरिकों की मौत हुई थी।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई न्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिहाज से जरूरी है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका और क्यूबा के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

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