Antacid Side Effect Hindi: अक्सर जब भी पेट में जलन, खट्टी डकारें या सीने में भारीपन महसूस होता है, तो हम बिना सोचे-समझे एंटासिड (Antacid) सिरप या गोली ले लेते हैं। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ गैस या एसिडिटी की साधारण दवा मानते हैं। लेकिन ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, एंटासिड पेट के एसिड को तुरंत बेअसर (neutralize) करके राहत तो देता है, लेकिन इसका सही और सीमित इस्तेमाल करना ही सुरक्षित होता है। आइए समझते हैं कि एंटासिड कब लेना चाहिए और इसके क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।
एंटासिड (Antacid) क्या है और यह कैसे काम करता है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एंटासिड एक तरह की दवा है जो पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को शांत करती है। हमारे पेट में भोजन पचाने के लिए नेचुरल एसिड बनता है। जब यह एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है या पेट से ऊपर भोजन की नली (food pipe) की तरफ आने लगता है, तो जलन और दर्द होता है। एंटासिड में मौजूद तत्व (जैसे एल्युमिनियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम या सोडियम) इस एसिड के प्रभाव को तुरंत कम कर देते हैं, जिससे आपको तुरंत आराम महसूस होता है।
एंटासिड कब और किन समस्याओं में राहत देता है?
एंटासिड केवल गैस के लिए ही नहीं, बल्कि पेट से जुड़ी कई समस्याओं में अल्पकालिक (short-term) राहत देने का काम करता है:
- सीने में जलन (Heartburn)।
- एसिड रिफ्लक्स और GERD।
- अपच और बदहजमी।
- पेट का पेटिक अल्सर (Peptic Ulcer)।
एंटासिड के संभावित साइड इफेक्ट्स
वैसे तो एंटासिड बिना डॉक्टर के पर्चे (Over-the-counter) के भी आसानी से मिल जाता है, लेकिन इसके ज्यादा या गलत इस्तेमाल से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं;
- मैग्नीशियम युक्त एंटासिड से दस्त (loose motions) हो सकते हैं।
- एल्युमिनियम या कैल्शियम युक्त एंटासिड से कब्ज (constipation) की समस्या हो सकती है।
- पेट फूलना और गैस (Bloating)।
- किडनी की समस्या।
- हाई ब्लड प्रेशर (High BP)।
एंटासिड लेते समय रखें इन बातों का ध्यान
- इसे लगातार 2 हफ्ते से ज्यादा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
- दूसरी दवाओं के साथ अंतर रखें।
- बार-बार एंटासिड लेने की जरूरत पड़ रही है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

