हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए नाम तय होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने पार्टी के फैसले पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन उनको प्रत्याशी न बनाए जाने का दर्द छलका। मीडिया से बातचीत में उन्होंने इशारों-इशारों में अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि राजनीति में स्वाभिमान बहुत महंगा होता है और उसकी कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि आज के दौर में सच बोलना एक तरह से राजनीतिक अपराध बन गया है। आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कांग्रेस की केंद्रीय नेतृत्व ने किस आधार पर फैसला लिया। इस बारे में वही लोग बेहतर बता सकते हैं जो निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की सुप्रीम कमांड ने अपने विवेक से फैसला किया होगा और वही इसके गुण-दोष स्पष्ट कर सकते हैं। करीब पांच दशक के अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने देश की कई पीढ़ियों के नेतृत्व के साथ काम किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, और मनमोह सिंह के साथ नजदीक से काम किया है। लंबे अनुभव के बाद उनका मानना है कि राजनीति में स्वाभिमान की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें हिमाचल प्रदेश और देश का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला, जो उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि शिमला और हिमाचल के अन्य हिस्सों में कई संस्थान स्थापित करने में उनका योगदान रहा है और वे आगे भी राज्य के लोगों से जुड़े रहेंगे। राज्यसभा चुनाव को नामांकन से पहले राजधानी पहुंचने से जुड़े प्रश्न पर आनंद शर्मा ने कहा कि शिमला में उनका पैतृक घर है और वह समय-समय पर हिमाचल आते रहे हैं और भविष्य में भी आते रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे को लेकर वह पार्टी हाईकमान से कोई अलग बातचीत नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह सच बोलने से पीछे हटने वाले नहीं हैं और आगे भी अपने विचार खुलकर रखते रहेंगे। आनंद को राज्यसभा भेजे जाने की थी चर्चाएं बता दें कि हिमाचल से आनंद शर्मा को राज्यसभा भेजे जाने की काफी चर्चाएं थी। वह, सीएम सुक्खू के भी करीबी रहे हैं। बीते कल ही आनंद शर्मा शिमला पहुंचे। इससे उन्हें राज्यसभा भेजने की अटकलों को और अधिक बल मिला। मगर कांग्रेस हाईकमान द्वारा आज सुबह 5 राज्यों के राज्यसभा प्रत्याशियों की लिस्ट में उनका नाम नहीं था और हिमाचल से कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को प्रत्याशी बनाया।
हिमाचल में राज्यसभा टिकट पर बोले आनंद शर्मा:स्वाभिमान महंगा होता है, सच बोलना अब राजनीति में अपराध’, फिर भी सच्चाई से पीछे नहीं हटेंगे


