अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के हिंदी सेल में तैनात एक हिंदी अधिकारी के खिलाफ उनकी पत्नी ने शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, मारपीट, धमकी देने और आर्थिक उत्पीड़न के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में अध्यापिका पत्नी का आरोप है कि पति ने वर्ष 2022 से अब तक उनके वेतन खाते से करीब 10 से 12 लाख रुपये निकाल लिए। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी और उन्हें फोन छीनकर घर में बंद कर दिया जाता था। शिकायत में स्कूल पहुंचकर हंगामा करने, सहकर्मी से विवाद और उनकी प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। महिला थाने में बुधवार रात को दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विवाह के बाद से प्रताड़ना का आरोप
शिकायत के मुताबिक, विवाह के शुरुआती वर्षों से ही पति का व्यवहार आक्रामक था। छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज, अपमान और मारपीट की जाती थी। पत्नी का आरोप है कि वर्ष 2008 के आसपास पहली बार उनका हाथ मरोड़ा गया। इसके बाद थप्पड़ मारने, धक्का देने और झकझोरने जैसी घटनाएं होती रहीं। पति उनके आने-जाने, रिश्तेदारों से मिलने और फोन पर बातचीत पर भी नजर रखते थे। स्कूल जाते समय पर्स, टिफिन और कपड़ों की जांच करने तथा विवाद के बाद मोबाइल छीन लेने के आरोप भी लगाए गए हैं। पत्नी का कहना है कि परिवार बचाने की उम्मीद में वह लंबे समय तक यह सब सहती रहीं।
वेतन खाते से रुपये निकालने और घर में बंद करने का आरोप
अध्यापिका के अनुसार, वर्ष 2022 से उनके वेतन खाते से लगातार रुपये निकाले जाते रहे। बैंक के संदेशों से उन्हें इसकी जानकारी मिलती थी, लेकिन विरोध के बावजूद निकासी नहीं रुकी। उनका दावा है कि अब तक करीब 10 से 12 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं है कि पति उनके खाते तक किस माध्यम से पहुंच बना रहे थे।
शिकायत में आरोप है कि विवाद के दौरान पति उनका फोन छीनकर घर में बाहर से ताला लगा देते थे और चाबी अपने पास रखकर चले जाते थे। इससे वह न किसी को सूचना दे पाती थीं और न बाहर निकल सकती थीं। मायके जाने से रोकने और मारपीट करने का आरोप भी लगाया गया है। पत्नी के मुताबिक, उन्हें लेने पहुंचे उनके भाइयों के साथ भी गाली-गलौज की गई और चाकू उठा लिया गया।
4 सितंबर की घटना के बाद बच्चों को लेकर अलग रहने लगीं
शिकायत के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को घरेलू काम करने वाली महिला को रुपये देने की बात पर विवाद हुआ। आरोप है कि पति ने मारपीट कर मोबाइल छीन लिया और उन्हें घर में बंद कर दिया। अगले दिन स्कूल जाते समय फिर विवाद हुआ और पति ने पानी से भरी बोतल फेंकने की कोशिश की। महिला का दावा है कि उनके बेटे ने पति के हाथ से बोतल छीन ली, जबकि वह खुद को बचाने के लिए बाथरूम में चली गईं।
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर वह 16 सितंबर को बच्चों के साथ अपनी मां के पास रहने चली गईं। इसके बाद फोन पर गाली-गलौज, चरित्र पर आरोप लगाने और स्कूल में बदनाम करने की धमकी देने का आरोप है।
स्कूल पहुंचकर सहकर्मी से विवाद करने का आरोप
महिला के मुताबिक, 24 सितंबर को पति ने फोन कर गाली-गलौज की और स्कूल पहुंचकर हंगामा करने की धमकी दी। भय के कारण वह उस दिन स्कूल नहीं गईं। आरोप है कि 28 सितंबर को सुबह करीब छह बजे से फोन कर धमकियां दी गईं और मना करने के बावजूद पति अलीगढ़ पब्लिक स्कूल पहुंच गए। वहां एक सहकर्मी से विवाद और मारपीट की स्थिति पैदा हो गई। स्कूल स्टाफ के एकत्र होने पर प्रॉक्टोरियल टीम ने हस्तक्षेप किया। पत्नी ने कहा कि इस घटना से उन्हें सहकर्मियों और अधिकारियों के सामने अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने 3 अक्टूबर को स्कूल और विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की थी।
पुलिसकर्मी बनकर दबाव बनाने का आरोप
एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया कि 1 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को सिविल लाइंस थाने में दीवान बताया और पति के घर लौटने का दबाव बनाया। महिला के अनुसार, उसे पुलिस और समाज का भय दिखाकर निर्णय बदलने की कोशिश की गई। उन्होंने अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए पति से अलग मां के घर पर रहने की इच्छा व्यक्त की है।
महिला थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

