खरगोन में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत छह वृंदावन गांवों में गायों की दूध प्रतियोगिता शुरू हो गई है। गुरुवार को प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे पशुपालक शाम को अपनी गायों को लेकर गांव की चौपाल पहुंचे, जहां पशु चिकित्सा, पशुपालन और पंचायत विभाग की संयुक्त टीम ने शुरुआती प्रक्रिया पूरी की। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के पहले दिन 29 अक्टूबर को सिर्फ गायों का दूध खाली कराया गया। 30 अक्टूबर की सुबह-शाम और 31 अक्टूबर की सुबह, यानी कुल तीन बार के दूध का औसत निकालकर नतीजे तय किए जाएंगे। जिला नोडल अधिकारी डॉ. एचसी पटेल ने बताया कि जिले के छह गांवों से 60 से ज्यादा गायें इस स्पर्धा में हिस्सा ले रही हैं। गिर, निमाड़ी और साहीवाल नस्लें शामिल खरगोन विधानसभा के टेमला गांव में 9 और कसरावद विधानसभा के बोरावां गांव में 12 गायों का पंजीयन हुआ है। बोरावां के पशु डॉक्टर संतोष मंडलोई ने बताया कि यहां 9 गिर, 2 निमाड़ी और 1 साहीवाल नस्ल की गाय स्पर्धा में शामिल हैं। पूरे प्रदेश के 208 वृंदावन गांवों में यह प्रतियोगिता एक साथ आयोजित की जा रही है। विजेता को मिलेगा 1 लाख रुपए का इनाम प्रतियोगिता के परिणाम 31 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इसमें पहला स्थान पाने वाले पशुपालक को 1 लाख रुपए, दूसरे स्थान पर 50 हजार रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाले को 25 हजार रुपए का गोपाल कृष्ण पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार वितरण का मुख्य कार्यक्रम गोवर्धन पूजा के दिन रखा गया है।

