भारत के युवा पहलवान सुजीत कलकल का विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार को पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उन्हें ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 रहा, लेकिन आखिरी अंक बनाने के कारण कुडिएव को विजेता घोषित किया गया। इस हार के साथ सुजीत की लगातार 24 मुकाबले जीतने की लय भी टूट गई।
सुजीत पिछले एक साल से शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 7 खिताब अपने नाम किए, जिनमें अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप, 2026 की एशियाई चैंपियनशिप और एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक शामिल है। गुरुवार से पहले उन्हें आखिरी हार पिछले साल जाग्रेब में हुई विश्व चैंपियनशिप के रेपेचेज दौर में मिली थी। इस बार भी पदक की उम्मीदों के बीच उनका सफर रुक गया। उनकी हार के साथ भारत के लिए सुशील कुमार के बाद दूसरा विश्व चैंपियन मिलने की उम्मीद भी फिलहाल अधूरी रह गई। सुशील कुमार ने 2010 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था।
दिलचस्प बात यह है कि सुजीत ने एशियाई खेलों के फाइनल में इसी ताजिक पहलवान अब्दुलमजीद कुडिएव को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। उस मुकाबले में सुजीत 2-9 से पीछे चल रहे थे, लेकिन लगातार 8 अंक हासिल कर उन्होंने शानदार वापसी की थी। हालांकि, इस बार कुडिएव ने बाजी पलट दी।
क्वार्टर फाइनल में सुजीत को शुरुआत में निष्क्रियता के कारण एक अंक गंवाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पहले दौर के खत्म होने से केवल 5 सेकंड पहले दांव लगाकर 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। कुडिएव को भी निष्क्रियता के लिए चेतावनी मिली और सुजीत की बढ़त 3-1 हो गई। मुकाबले के आखिरी 30 सेकंड में नाटकीय मोड़ आया। सुजीत ने मैट के किनारे कुडिएव को गिराने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें खतरनाक स्थिति में नहीं ला सके। इसके बाद कुडिएव ने पलटवार करते हुए दांव लगाया।
रेफरी ने शुरुआत में सुजीत को 2 अंक नहीं दिए, लेकिन चेयर अंपायर ने अंक दे दिए। कुडिएव के पक्ष ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। सुजीत के 2 अंक रद्द कर दिए गए और कुडिएव को 2 अंक मिले। स्कोर 3-3 होने के बाद सुजीत निर्णायक दांव नहीं लगा सके और आखिरी अंक के आधार पर हार गए।
इससे पहले सुजीत ने स्विट्जरलैंड के नीनो ल्यूटर्ट को 12-1 से हराया था। फिर बेलारूस के इस्लाम गुसेनोव को 4-0 से मात देकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे।
महिलाओं के मुकाबलों में भारत को कुछ राहत मिली। 72 किलोग्राम वर्ग में तनु शर्मा ने रेपेचेज मुकाबले में ट्यूनीशिया की जै़नब स्घेयर को 5-4 से हराकर कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। वहीं, 68 किलोग्राम वर्ग में सृष्टि अमेरिका की कैनेडी ब्लेड्स से हारकर बाहर हो गईं।
59 किलोग्राम वर्ग में मनीषा भंवाला ने मंगोलिया की बोलोरतुआ खुरेलखू को 6-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले उन्होंने कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को चित किया था। 55 किलोग्राम वर्ग में अहिल्या शिंदे ने क्यूबा की यायनेलिस सान्ज वर्देसिया को 8-1 से हराया, लेकिन तुर्किये की टुबा डेमिर के खिलाफ 3-0 की बढ़त गंवाकर 6-9 से हार गईं।
पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में विक्की ने सरको कोलमेनेरेज को 8-2 और राडू लेटर को 10-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, जापान के अराश योशिदा ने उन्हें 12-2 से हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। भारतीय पहलवान अब बाकी मुकाबलों में पदक की उम्मीदों के साथ उतर रहे हैं।

