Pete Hegseth and General Dan Kane on US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल से दो सप्ताह के लिए युद्धविराम लागू है। दोनों देशों की तरफ से शांति की कोशिशें की जा रही हैं, बावजूद इसके कई मुद्दों पर अभी बात नहीं बनी है। इसी क्रम में अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ की तरफ से बड़ा और अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले से कहीं अधिक शक्ति के साथ पुनः तैयारी कर रहा है और ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी जब तक जरूरी होगा, तब तक जारी रहेगी।
शांति समझौते को अस्वीकार करने पर फिर होगा हमला: हेगसेथ
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान संभावित शांति समझौते को अस्वीकार करता है, तो अमेरिकी सेना सैन्य हमले फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘जब तक आवश्यक होगा, हम ईरान की इस सफल नाकाबंदी को जारी रखेंगे।’ उन्होंने दोहराया कि अमेरिका पहले से कहीं अधिक शक्ति के साथ तैयारी कर रहा है।
सैन्य बलों की मौजूदा तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यदि राजनयिक समाधान नहीं निकलता है तो युद्ध अभियान शुरू करने के लिए सेना तैनात कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को स्पष्ट संदेश यह है कि ‘हम आप पर नज़र रख रहे हैं।’
होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी नहीं: अमेरिका
अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने उच्च स्तर की सतर्कता पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा युद्धविराम के दौरान अमेरिकी सैन्य बल पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी क्षण बड़े युद्ध अभियानों को फिर से शुरू करने के लिए तत्पर हैं।
इन समुद्री प्रतिबंधों के दायरे के बारे में विस्तार से बताते हुए जनरल केन ने स्पष्ट किया कि ये उपाय व्यापक हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह नाकाबंदी ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे वे किसी भी देश के हों।’
उन्होंने आगे बताया कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी नहीं, बल्कि ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा की नाकाबंदी है। इसे ईरान के प्रादेशिक समुद्र और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमल में लाया जाएगा। इसी रणनीति के तहत जनरल ने चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना ईरान के ध्वज वाले किसी भी पोत या जहाज को सक्रिय रूप से निशाना बनाएगी, जो देश को ‘मैटेरियल सपोर्ट’ (सामग्री सहायता) प्रदान करने का प्रयास करेगा।
गलत फैसले से ईरान को मार झेलनी पड़ेगी: जनरल केन
सैन्य दबाव बनाए रखते हुए जनरल केन ने तेहरान के नेतृत्व से अपने निर्णयों के दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वहां का शासन “एक समृद्ध भविष्य और एक सुनहरा पुल” चुन सकता है, जिसकी वाशिंगटन ईरान के लोगों के लिए उम्मीद करता है। हालांकि, उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने गलत फैसला लिया, तो उसे बुनियादी ढांचे, बिजली और ऊर्जा पर नाकाबंदी के साथ-साथ बमों की मार भी झेलनी पड़ेगी।


