नवादा स्थित सदर अस्पताल में एक सरकारी एंबुलेंस चालक और एक आशा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। मरीज के परिजनों ने एंबुलेंस चालक के फोनपे पैसे मांगने और फिर गायब हो जाने का आरोप लगाते हुए यह मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। परिजनों के अनुसार, सरकारी एंबुलेंस चालक ने फोन पर एंबुलेंस MT के मोबाइल के फोनपे पर 5000 रुपए की मांग की थी। आरोप है कि पैसे देने की बात कहने के बाद चालक मौके से चला गया और मरीज के परिजन का फोन उठाना बंद कर दिया। पैसे देने की बात पर परिजन गुस्साए इससे मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अन्य लोगों की मदद से चालक को अस्पताल बुलाया। जब चालक ने पैसे देने की बात कही, तो गुस्साए परिजनों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते रहे। मारपीट के दौरान एक आशा कार्यकर्ता ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। इस घटना ने सरकारी एंबुलेंस सेवाओं में कथित तौर पर पैसे मांगने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंबुलेंस चालक पर पैसे हड़पने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस चालक ने पैसे हड़पने की कोशिश की थी। हालांकि, पकड़े जाने पर उसने 5000 रुपये वापस कर दिए। परिजनों ने यह भी बताया कि रजिस्ट्रेशन पर्ची के नाम पर लिए गए 300 रुपये भी लौटा दिए गए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मारपीट अस्पताल परिसर के अंदर हुई है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल, किसी भी पक्ष द्वारा इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। नवादा स्थित सदर अस्पताल में एक सरकारी एंबुलेंस चालक और एक आशा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। मरीज के परिजनों ने एंबुलेंस चालक के फोनपे पैसे मांगने और फिर गायब हो जाने का आरोप लगाते हुए यह मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। परिजनों के अनुसार, सरकारी एंबुलेंस चालक ने फोन पर एंबुलेंस MT के मोबाइल के फोनपे पर 5000 रुपए की मांग की थी। आरोप है कि पैसे देने की बात कहने के बाद चालक मौके से चला गया और मरीज के परिजन का फोन उठाना बंद कर दिया। पैसे देने की बात पर परिजन गुस्साए इससे मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अन्य लोगों की मदद से चालक को अस्पताल बुलाया। जब चालक ने पैसे देने की बात कही, तो गुस्साए परिजनों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते रहे। मारपीट के दौरान एक आशा कार्यकर्ता ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। इस घटना ने सरकारी एंबुलेंस सेवाओं में कथित तौर पर पैसे मांगने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंबुलेंस चालक पर पैसे हड़पने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस चालक ने पैसे हड़पने की कोशिश की थी। हालांकि, पकड़े जाने पर उसने 5000 रुपये वापस कर दिए। परिजनों ने यह भी बताया कि रजिस्ट्रेशन पर्ची के नाम पर लिए गए 300 रुपये भी लौटा दिए गए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मारपीट अस्पताल परिसर के अंदर हुई है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल, किसी भी पक्ष द्वारा इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।


